यूपी में सरकारी गेहूं खरीद में हुआ बदलाव, MSP पर 100 क्विंटल से भी ज़्यादा गेहूं बिना वेरिफिकेशन के बेच सकेंगे किसान

उत्तर प्रदेश के गेहूं किसानों के लिये अच्छी खबर है। यूपी सरकार ने गेहूं खरीद नीति में बड़ा बदलाव किया है। सरकार ने 100 क्विंटल तक की बिक्री को वेरिफिकेशन से मुक्त कर दिया है। अब रजिस्टर्ड किसान बिना किसी वेरिफिकेशन के MSP पर सीधे अपनी उपज सरकार को बेच सकेंगे। कई बार किसानों को अभिलेखों की गलतियों की वजह से फसल बेचने में दिक्कतों का सामना करना पड़ता था।
लेकिन सरकार के इस फैसले से अब किसानों को गेहूं बेचनें में दिक्कत नहीं आएगी।

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शिवराज सिंह चौहान

बिहार में लखपति दीदी 3 लाख से ज्यादा बन चुकी है और 20 लाख इसी वर्ष बनाने का लक्ष्य- शिवराज सिंह चौहान

केंद्रीय ग्रामीण विकास व कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान आज पटना (बिहार) के एक दिवसीय दौरे पर थे। इस दौरान उन्होंने वरिष्ठ नेताओं और अधिकारियों के साथ बैठक कर 24 अप्रैल को पंचायत राज दिवस के अवसर पर मधुबनी में होने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम की तैयारियों के संबंध में जानकारी ली और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। साथ ही, केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह ने बिहार में ग्रामीण विकास की केंद्रीय योजनाओं की समीक्षा की।

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मूंग की उन्नत किस्मों की बुवाई, हरी खाद के लिए ढैंचा-सनई की करें बुवाई, पूसा ने किसानों के लिए जारी की एडवाइजरी

पूसा ने कृषि कार्य को लेकर किसानों के लिए एडवाइजरी जारी की है। इस मौसम में तैयार गेहूं की फसल की कटाई की सलाह दी गई है। किसान कटी हुई फसलों को बांधकर तथा ढककर रखे अन्यथा तेज हवा या आंधी से फसल एक खेत से दूसरे खेत में जा सकती है। रबी फसल यदि कट चुकी है तो उसमें हरी खाद के लिए खेत में पलेवा करें। हरी खाद के लिए ढैंचा, सनई अथवा लोबिया की बुवाई की जा सकती है। बुवाई के समय खेत में पर्याप्त नमी का होना आवश्यक है।

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बांकुरा

बांकुरा की ईंटें: एक बिखरती ज़िंदगी की तस्वीर!

कभी मध्यम स्तर के उद्योगों की वजह से जानी जाने वाली पश्चिम बंगाल के बांकुरा की ज़मीन आज मज़दूरी और शोषण की मार झेल रही है। यहां की ईंट भट्टा इंडस्ट्री में हर साल नवंबर से उसके अगले साल मई तक करीब 40,000 मज़दूर काम करते हैं, लेकिन इनकी मेहनत का मोल ना के बराबर है।

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블로그 – 최신 뉴스

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जैविक खेती का पूरा इकोसिस्टम तैयार करेगी बिहार सरकार: कृषि मंत्री विजय कुमार सिंह

बिहार सरकार राज्य में जैविक कृषि को बढ़ावा देने के लिए ‘कॉरिडोर आधारित परियोजना’ चला रही है। इसे राज्य के 13 जिले में लागू किया गया है । इसके तहत टिकाऊ खेती, मिट्टी की गुणवत्ता, जैविक उर्वरक के उपयोग और रोजगार के अवसर बढ़ाने पर बल दिया गया है। किसानों को अधिक से अधिक लाभ मिले इसके लिए हर साल जिला स्तर पर कम से कम 03 क्रेता-विक्रेता बैठक आयोजित किए जाते हैं।

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कपास के उत्पादन

कपास के उत्पादन में भारी गिरावट का अनुमान, आयात भी हुआ दोगुना

भारतीय कपास संघ (CAI) के मुताबिक़ घरेलू कपास उत्पादन में गिरावट के कारण सितंबर में समाप्त होने वाले 2024-25 सीजन के लिए भारत का कपास आयात दोगुना से भी ज़्यादा अधिक बढ़कर 33 लाख गांठ हो गया है, जिनमें से प्रत्येक का वजन 170 किलोग्राम है। पिछले सीजन में भारत का कपास आयात 15.20 लाख गांठ था। आयात में वृद्धि का कारण अनुमानित घरेलू उत्पादन से कम रहने की उम्मीद है, जबकि खपत स्थिर देखी जा रही है।

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

काशी में पीएम मोदी ने बनास डेयरी के पशुपालकों को दिया 106 करोड़ रुपये का बोनस, कहा ‘काशी मेरी है और मैं काशी का हूं’

बनास डेयरी ने काशी में हजारों परिवारों की आर्थिक स्थिति को बदला है, खासकर महिलाओं को सशक्त बनाकर. पूर्वांचल की अनेक बहनें अब लखपति दीदी बन चुकी हैं. पहले गुजारे की चिंता थी, अब उनके कदम खुशहाली की ओर बढ़ रहे हैं. इतना ही नहीं भारत आज दुनिया का सबसे बड़ा दूध उत्पादक देश है, जिसमें पिछले 10 वर्षों में 65 प्रतिशत का इजाफा हुआ है. बनास डेयरी काशी संकुल 1 लाख किसानों से दूध संग्रह कर रहा है और गीर गायों का वितरण कर पशुपालकों को सशक्त बना रहा है. काशी दौरे के दौरान पीएम मोदी ने ये बातें कहीं।

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गन्ने की फसल

गन्ने की फसल में बढ़ रहा है फड़का रोग का प्रकोप, गन्ना वैज्ञानिक से जानें उपचार के तरीके

गन्ना एक नकदी फसल है, जिसका देश की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान है। गन्ना किसानों की आय का एक मुख्य स्रोत भी है। आपको बता दें कि भारत में गन्ने की सबसे ज्यादा खेती उत्तर प्रदेश में होती है। यहां 28.53 लाख हेक्टेयर से अधिक जमीन पर गन्ने की खेती होती है, जिस पर लगभग 839 कुंटल प्रति हेक्टेयर गन्ने का उत्पादन होता है। वर्तमान में प्रदेश के किसानों ने ग्रीष्मकालीन गन्ने की बुवाई की हुई है। इस दौरान प्रदेश के कई जिलों में किसान फसल में पाइरीला का प्रकोप देख रहे हैं। पाइरीला को किसान फड़का रोग भी कहते हैं। इस रोग से बचाव के लिए प्रसिद्ध गन्ना वैज्ञानिक पद्मश्री बक्शीराम यादव ने किसानों को कुछ जरुरी टिप्स दिये हैं।

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