सर्दियों में गन्ने की धीमी बढ़वार

सर्दियों में गन्ने की धीमी बढ़वार: घबराने की ज़रूरत नहीं, जानिए क्या कहते हैं वैज्ञानिक ?

सर्दियों में गन्ने की बढ़वार कम होना सामान्य है, इसे रोग या खाद की कमी न समझें। IISR के प्रधान वैज्ञानिक डॉ. एपी द्विवेदी के अनुसार दिसंबर–जनवरी में खाद डालने की जरूरत नहीं होती, बस हल्की सिंचाई करते रहें। तापमान बढ़ते ही जनवरी के अंत या फरवरी की शुरुआत में गन्ने की बढ़वार फिर तेज हो जाती है।

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25 लाख हेक्टेयर क्षेत्र लाने की तैयारी

महाराष्ट्र में प्राकृतिक खेती को नई रफ्तार, 25 लाख हेक्टेयर क्षेत्र लाने की तैयारी

महाराष्ट्र सरकार प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने जा रही है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने घोषणा की है कि अगले दो साल में 25 लाख हेक्टेयर जमीन को प्राकृतिक खेती के दायरे में लाया जाएगा। इससे खेती की लागत घटेगी, मिट्टी की सेहत सुधरेगी और किसानों को जलवायु परिवर्तन से निपटने में मदद मिलेगी।

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सरसों की बुवाई में 4.3% की बढ़ोतरी

सरसों की बुवाई में 4.3% की बढ़ोतरी, राजस्थान से यूपी तक सरसों की फसल ने पकड़ी रफ्तार

देश में इस साल सरसों की खेती का रकबा बढ़ा है। 15 दिसंबर 2025 तक बुवाई करीब 84.67 लाख हेक्टेयर में हुई, जो पिछले साल से 4.3% ज्यादा है। राजस्थान, यूपी, मध्य प्रदेश, हरियाणा और पश्चिम बंगाल में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। ज्यादातर राज्यों में फसल की हालत सामान्य है, कीटों का असर कम है और अनुकूल मौसम से फसल की बढ़वार अच्छी बनी हुई है।

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किसान दिवस 2025

किसान दिवस 2025: तकनीक, नवाचार और प्रेरणा—सफल किसानों की 10 कहानियाँ

इस किसान दिवस 2025 पर देखिए उन किसानों की प्रेरक कहानियाँ, जिन्होंने तकनीक और नवाचार के सहारे खेती में कमाल किया है। अपनी मेहनत और स्मार्ट प्रबंधन से उन्होंने न केवल उत्पादन और कमाई बढ़ाई, बल्कि मिट्टी और पर्यावरण की सुरक्षा का भी ध्यान रखा। उन्होंने यह दिखाया कि आधुनिक खेती में दृष्टिकोण और लगातार सीखने की भूख ही सबसे बड़ी ताकत है।

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केले की फसल

ठंड और पाले से केले की फसल को कैसे बचाएं? जानिए 4 आसान उपाय

कड़ाके की ठंड और पाले से केले की फसल को नुकसान हो सकता है। केले के विशेषज्ञ राहुल भारम्बे के मुताबिक समय पर सिंचाई, खेत में धुआं, चारों ओर विंडब्रेक और ठंड के मौसम में भी सही मात्रा में खाद व माइक्रोन्यूट्रिएंट देने से फसल को सुरक्षित रखा जा सकता है और अच्छी पैदावार ली जा सकती है।

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यूपी

यूपी में 60 लाख टन धान खरीद का लक्ष्य, अब तक करीब 5,000 करोड़ रुपये का भुगतान

यूपी में धान और बाजरा की सरकारी खरीद से किसानों को बड़ा सहारा मिल रहा है। अब तक 5,000 करोड़ रुपये का भुगतान हो चुका है और 60 लाख टन धान खरीद का लक्ष्य तय है, जिससे किसानों को 14,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की आय होने की उम्मीद है।

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पर्माकल्चर आधारित खेती

FAIFA का श्वेत पत्र: पर्माकल्चर आधारित खेती और निवेश योजना की बात

फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया फार्मर एसोसिएशन (FAIFA) ने किसानों के लिए आधुनिक और टिकाऊ कृषि व्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए श्वेत पत्र जारी किया है। इसमें 50 लाख हेक्टेयर पर्माकल्चर आधारित खेती और 10,000 करोड़ रुपये निवेश का प्रस्ताव शामिल है। संगठन का लक्ष्य 50 कृषि निर्यात जोन बनाकर, कोल्ड चेन और उच्च मूल्य वाली फसलों के जरिए कृषि निर्यात को 100 अरब डॉलर तक बढ़ाना है।

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गेहूं में पहली सिंचाई और खाद देने का सही समय

गेहूं में पहली सिंचाई और खाद देने का सही समय, कई फसलों के लिए पूसा की नई फसल सलाह

पूसा, नई दिल्ली ने किसानों को गेहूं, सरसों, आलू, प्याज और सब्जियों की खेती को लेकर नई फसल सलाह दी है। गेहूं में समय पर पहली सिंचाई, खाद और खरपतवार नियंत्रण पर जोर दिया गया है। साथ ही रतुआ रोग, आलू-टमाटर में झुलसा, सब्जियों में कीट और गेंदा में रोग की नियमित निगरानी की सलाह दी गई है, ताकि किसान बेहतर और सुरक्षित उत्पादन पा सकें।

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मक्का खेती पर अनुदान और तकनीकी सहायता

मक्का खेती पर अनुदान और तकनीकी सहायता, कानपुर में राज्य स्तरीय मक्का कार्यशाला का आयोजन

कानपुर में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यशाला में कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने ‘त्वरित मक्का विकास कार्यक्रम’ की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मक्का कम पानी में उगने वाली लाभकारी फसल है और सरकार किसानों को अनुदान, बीज, मशीन व तकनीकी सहायता देकर मक्का की खेती को बढ़ावा दे रही है। इससे किसानों की आय बढ़ेगी और खेती अधिक टिकाऊ बनेगी।

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बिहार सरकार

गेंदा फूल की खेती पर लागत का 50% देगी बिहार सरकार, योजना को मिली 8 करोड़ रुपये की मंजूरी

बिहार सरकार ने रबी सीजन में गेंदा फूल की खेती को बढ़ावा देने के लिए “फूल (गेंदा) विकास योजना” शुरू की है। इस योजना के तहत किसानों को प्रति हेक्टेयर लागत का 50 प्रतिशत तक अनुदान मिलेगा। आवेदन ऑनलाइन होंगे और महिला किसानों को विशेष प्राथमिकता दी जाएगी। योजना का उद्देश्य कम लागत में किसानों की आय बढ़ाना और फूलों की व्यावसायिक खेती को प्रोत्साहित करना है।

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