MSP

बाज़ार में MSP से कम कीमत पर बिक रहा कपास, CCI ने कहा किसानों को नुकसान से बचाने के लिए जारी रखेंगे ख़रीद

माँग कम होने की वजह से बाज़ार में कपास का भाव तय न्यूनतम समर्थन मूल्य( MSP) से भी नीचे चला गया है. लेकिन सरकारी खरीद एजेंसी भारतीय कपास निगम (CCI) ने किसानों को नुकसान से बचाने के लिए कपास की MSP पर बंपर खरीद की है. CCI ने कहा है कि किसानों को बाजार में गिरते भाव से बचाने के लिए सभी राज्यों में अभी भी अभी MSP पर खरीद जारी रखी है. आपको बता दें कि कच्चे कपास की कीमतें 6,500 से 7,000 येन प्रति क्विंटल के बीच चल रही हैं जो न्यूनतम समर्थन मूल्य स्तर 7,121 से कम है.

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'बारिश और ओलावृष्टि

ओलावृष्टि से हुए फ़सल नुकसान की भरपाई के लिए फिर खोला गया क्षतिपूर्ति पोर्टल, सीएम नायब सिंह सैनी ने दी जानकारी

‘बारिश और ओलावृष्टि से प्रभावित गांवों के लिए क्षतिपूर्ति पोर्टल खोल दिया गया है और इसके बारे में किसानों को एसएमएस के माध्यम से जानकारी भी दी गई है. किसान पोर्टल पर ओलावृष्टि और भारी बारिश से हुए नुकसान को दर्ज करवा सकते हैं, ताकि उन्हें जल्द से जल्द मुआवजा दिया जा सके.’ पंचकूला में आयोजित पूर्व बजट परामर्श के दौरान बोले हरियाणा के सीएम नायब सिंह सैनी.

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लखनऊ में FPO मेला

यूपी के लखनऊ में 7 मार्च से शुरू होगा FPO मेला, मिलेंगे प्राकृतिक और जैविक प्रोडक्ट

कृषि उत्पादों को लोगों तक पहुंचाने और किसानों को कंज्यूमर से जोड़ने के लिए लखनऊ में FPO मेला का आयोजन 7 मार्च से होगा. 3 दिन तक चलने वाले इस मेले में आम लोग प्राकृतिक और जैविक तरीके से उगाए गए कृषि उत्पादों को खरीद सकेंगे. जबकि, किसानों को बाजार एक्सेस का मौका मिलेगा। इसके अलावा किसानों को कृषि अधिकारी खेती के आधुनिक और उन्नत तरीके भी बताएंगे. 
इस मेले में आप ताजे फल, सब्जियों, अनाज और हर्बल उत्पाद सीधे किसानों से खरीद सकेंगे.

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दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा गेहूं उत्पादक

चिलचिलाती मार्च से भारत में गेहूं की फसल का उत्पादन खतरे में पड़ने की संभावना

भारत, दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा गेहूं उत्पादक, 2022 के बाद से लगातार तीन वर्षों तक खराब फसल की पैदावार के बाद, महंगे आयात से बचने के लिए 2025 में बंपर फसल की उम्मीद कर रहा है। लेकिन आईएमडी के अनुसार, मार्च से मई 2025 तक अनुमानित सामान्य से अधिक तापमान से भारत की गेहूं की फसल पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की संभावना है।

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बिहार

बिहार में 1 अप्रैल से शुरू होगी गेहूं की खरीद, 2 लाख टन गेहूं खरीदने का लक्ष्य

इस साल बिहार में लगभग 25 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में गेहूं की बुवाई की गई है और लगभग 84 लाख टन गेहूं उत्पादन होने का अनुमान है. इसके मद्देनजर भारतीय खाद्य निगम, राज्य में कुल 151 गेहूं खरीद केंद्र बनाएगा. साथ ही, राज्य सरकार भी लगभग 5000 खरीद केंद्र स्थापित करने जा रही है. इस बार राज्य में 2 लाख टन गेहूं खरीदने का लक्ष्य रखा गया है, जिसके लिए व्यापक तैयारियां की जा रही हैं.

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machine

खेती की मुश्किलों को देख किसान के इंजीनियर बेटे ने बना दिया हाथ से बुवाई की मशीन

खेती किसानी मेहनत का काम है। लेकिन आज के समय में तकनीक ने इसे आसान बना दिया है लेकिन लागत भी बढ़ी है, जो छोटे किसानों के लिए बड़ी बात है। इसी को देखते हुए एक किसान के gold medalist इंजीनियर बेटे ने कम दाम में हाथ से चलने वाली बुवाई की मशीन बना दी है। इस बुवाई की मशीन को Hand push seeder के नाम से जाना जाता है। इसके कई फ़ायदे हैं।

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urea

खेत की मिट्टी का Nitrogen Test करने का जानिए ये आसान तरीका

बेहतर फसल उत्पादन के लिए खेत की तैयारी, बीज की गुणवत्ता, सिंचाई के साथ-साथ उर्वरक की सही मात्रा में इस्तेमाल बहुत ज़रूरी है। यूरिया एक महत्वपूर्ण खाद है जो मिट्टी को उपजाऊ बनाकर पैदावार बढ़ाने में मदद करता है। ये खेत की मिट्टी के लिए नाइट्रोजन का मुख्य स्रोत है। इसलिए किसान इसका प्रयोग करते हैं। लेकिन पिछले कुछ वर्षों में इसका अंधाधुंध प्रयोग बढ़ा है, जिससे किसानों की खेती की लागत तो बढ़ी ही है साथ ही अत्यधिक इस्तेमाल से खेत की मिट्टी के साथ ही पर्यावरण को भी नुकसान हो रहा है।

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wheat

गर्मी बढ़ने से गेहूं की फसल में इन बीमारियों का खतरा बढ़ा, रोकथाम के लिए IIWBR ने जारी की एडवाइजरी

भारत में दूसरी सबसे महत्वपूर्ण अनाज फसल के रूप में गेहूँ का महत्वपूर्ण स्थान है। मुख्य रूप से, यह देश के उत्तरी और उत्तर-पश्चिमी क्षेत्रों में सबसे ज़्यादा खाये जाने वाला अनाज है। भारत ने वैश्विक स्तर पर एक महत्वपूर्ण गेहूँ उत्पादक के रूप में अपनी जगह बनाई है, जो चीन के बाद दूसरे स्थान पर है। 

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मध्यप्रदेश

मध्यप्रदेश: किसानों ने क्यों निकाली लहसुन की अर्थी?

मध्यप्रदेश के किसानों को इस बार लहसुन की बुवाई में बड़ा नुकसान हुआ है। ऊटी लहसुन के भाव लगातार गिरने से एक तरफ जहां किसान परेशान हैं। दूसरी तरफ इस पर राजनीति भी शुरू हो गई है। मंदसौर में कांग्रेस ने प्रदर्शन किया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं और किसानों के साथ मिलकर लहसुन अर्थी निकाली और उस पर कफन डालकर श्रद्धांजलि दी।

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उत्तर प्रदेश

यूपी के गन्ना किसानों को योगी सरकार ने दिया झटका, नहीं बढ़ाया गन्ने का दाम

उत्तर प्रदेश के गन्ना किसानों के लिए अच्छी खबर नहीं है। प्रदेश की योगी सरकार ने गन्ने का मूल्य नहीं बढ़ाया है. वित्तीय वर्ष 2024-25 में भी गन्ने का मूल्य 370 रुपए प्रति क्विंटल रखा गया है. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बजट शुरू होने से पहले कैबिनेट में प्रदेश के 10 प्रस्ताव को मंजूरी दी.

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