पश्चिम बंगाल में कम हुई चाय की फसल

पश्चिम बंगाल में कम हुई चाय की फसल, असम में स्थिर रहीं बागानें

सितंबर 2025 में भारत का चाय उत्पादन 5.9% घटकर 159.92 मिलियन किलोग्राम रह गया।असम में उत्पादन लगभग स्थिर रहा (94.76 मिलियन किग्रा), जबकि पश्चिम बंगाल में भारी गिरावट आई (48.35 से घटकर 40.03 मिलियन किग्रा)।उत्तर भारत का कुल उत्पादन घटकर 138.65 मिलियन किग्रा और दक्षिण भारत का 21.27 मिलियन किग्रा रहा।

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भारत में छोटे किसानों के लिए नई उम्मीद 'Agroforestry',

भारत में छोटे किसानों के लिए नई उम्मीद ‘Agroforestry’, मुनाफा और पर्यावरण दोनों का संतुलन

भारत के किसानों के लिए नया एग्रोफॉरेस्ट्री मॉडल तैयार किया गया है, जिसमें एक ही खेत में पेड़, फसलें और पशु पाले जाते हैं। इससे किसान सालभर कमाई कर सकते हैं। शुरुआती सालों में फसलों और पशुपालन से, और बाद में फलों व लकड़ी के पेड़ों से। यह मॉडल मिट्टी और पर्यावरण दोनों के लिए फायदेमंद है, बस किसानों को इसके लिए ट्रेनिंग और सरकारी मदद की जरूरत होगी।

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बेमौसम बारिश से उत्तर प्रदेश में फसलें बर्बाद

बेमौसम बारिश से उत्तर प्रदेश में फसलें बर्बाद, सीएम योगी ने जल्द रिपोर्ट तैयार करने के दिए आदेश

उत्तर प्रदेश में चक्रवात मोंथा की वजह से हुई बेमौसम बारिश और तेज हवाओं से धान, मक्का और सब्जियों की फसलों को भारी नुकसान हुआ है।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी जिलाधिकारियों को नुकसान का आकलन कर किसानों को जल्द मुआवजा देने के निर्देश दिए हैं।सरकार ने आगे के लिए सिंचाई, जल निकासी और आपदा प्रबंधन प्रणाली को मजबूत करने की भी तैयारी शुरू कर दी है।

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महाराष्ट्र में किसानों के कर्ज का मामला फिर चर्चा में

महाराष्ट्र में किसानों के कर्ज का मामला फिर चर्चा में, किसान नेता ने सीएम को लिखी चिट्ठी

महाराष्ट्र में किसान नेता विजय जवांधिया ने सीएम देवेंद्र फडणवीस से जल्द किसानों को फसल ऋण जारी करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि खरीफ सीजन में फसलें बर्बाद होने के बाद किसान आर्थिक तंगी में हैं और रबी की बुवाई के लिए तुरंत मदद ज़रूरी है। फडणवीस सरकार ने जून 2026 तक कर्जमाफी पर विचार करने के लिए समिति बनाई है और अब तक 31,638 करोड़ रुपये का राहत पैकेज घोषित किया है।

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पूर्वी उत्तर प्रदेश में 1 नवंबर से शुरू होगी धान की खरीद

पूर्वी उत्तर प्रदेश में 1 नवंबर से शुरू होगी धान की खरीद, 48 घंटे के भीतर भुगतान

उत्तर प्रदेश में धान की खरीद 1 नवंबर से 28 फरवरी 2026 तक चलेगी। इस साल सरकार ने कॉमन धान का MSP ₹2369 और ग्रेड ‘A’ का ₹2389 प्रति कुंतल तय किया है। किसानों को भुगतान 48 घंटे के भीतर मिलेगा।अब तक 2.17 लाख किसानों ने पंजीकरण कराया है और 3920 केंद्र बनाए गए हैं। सहायता के लिए किसान 1800-1800-150 पर संपर्क कर सकते हैं।

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गन्ना किसानों के लिए ICAR की नई तकनीक

गन्ना किसानों के लिए ICAR की नई तकनीक, अब रोपाई होगी आसान, मेहनत कम और मुनाफा ज्यादा

भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) ने गन्ना किसानों के लिए “मिनी ट्रैक्टर ऑपरेटेड शुगरकेन सेटलिंग ट्रांसप्लांटर” मशीन विकसित की है।यह मशीन छोटे और मध्यम किसानों के लिए बनाई गई है, जिससे रोपाई का काम ऑटोमेटिक, तेज़ और सटीक हो जाएगा।इससे मजदूरी की जरूरत 73% तक और समय 50% तक घटेगा, साथ ही बीज और पानी की बचत भी होगी।

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महाराष्ट्र में किसानों के कर्ज माफी की तैयारी

फडणवीस सरकार का वादा, जून 2026 तक किसानों का कर्ज होगा माफ

महाराष्ट्र सरकार ने किसानों के कर्ज माफ़ी के लिए प्रवीण परदेशी की अध्यक्षता में समिति बनाई है। यह समिति अप्रैल 2026 तक रिपोर्ट देगी और जून तक कर्ज माफ़ी लागू की जाएगी। सरकार पर आर्थिक बोझ के बावजूद किसानों को राहत देने का वादा किया गया है।

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सरकार ने पीली मटर के आयात पर फिर से लगाई ड्यूटी

किसानों को राहत, सरकार ने पीली मटर के आयात पर फिर से लगाई ड्यूटी

सरकार ने किसानों को बेहतर दाम दिलाने के लिए 1 नवंबर से पीली मटर के आयात पर फिर से 30% टैक्स (10% इंपोर्ट ड्यूटी + 20% AIDC) लगाने का फैसला किया है। विदेशी मटर आने से दालों के दाम MSP से नीचे गिर गए थे। अब सरकार तेलंगाना, ओडिशा, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश में मूंग, उड़द और अरहर की MSP पर खरीद करेगी, जिससे किसानों को सीधा फायदा होगा और बाजार में दाम स्थिर रहेंगे।

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मॉनसून की विदाई के बाद भी बारिश ने मचाया कहर

मॉनसून की विदाई के बाद भी बारिश ने मचाया कहर, सोयाबीन के ढेर बहे, किसानों के सामने बड़ा संकट

महाराष्ट्र के लातूर जिले में मॉनसून की विदाई के बाद भी मूसलाधार बारिश ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। तेज बारिश से किसानों की सोयाबीन की फसलें खेतों में भीग गईं और कई जगह बह गईं। पहले से ही मौसम की मार झेल रहे किसानों के सामने अब नया संकट खड़ा हो गया है।

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उर्वरकों पर सरकार ने बढ़ाई सब्सिडी

रबी सीजन 2025-26 के लिए उर्वरकों पर सरकार ने बढ़ाई सब्सिडी

केंद्र सरकार ने रबी सीजन 2025–26 के लिए फॉस्फेटिक और पोटाशिक (P&K) उर्वरकों पर पोषक तत्व आधारित सब्सिडी (NBS) दरों को मंजूरी दी है। यह योजना 1 अक्टूबर 2025 से 31 मार्च 2026 तक लागू रहेगी और इस पर लगभग ₹37,952 करोड़ खर्च होंगे। सरकार का उद्देश्य किसानों को डीएपी और एनपीके जैसे उर्वरक सस्ती दरों पर उपलब्ध कराना है ताकि खेती की लागत कम हो सके। बढ़ती अंतरराष्ट्रीय कीमतों के बावजूद यह सब्सिडी किसानों को राहत देने का काम करेगी।

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