भारत-अमेरिका डील

भारत-अमेरिका डील के बाद GM फसलों पर क्यों बढ़ी बहस?

भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के बाद GM (जेनेटिकली मॉडिफाइड) फसलों को लेकर बहस तेज हो गई है। भारत ने कुछ अमेरिकी कृषि उत्पादों पर कम या शून्य शुल्क देने की सहमति दी है, लेकिन सरकार का कहना है कि संवेदनशील फसलों और किसानों के हित पूरी तरह सुरक्षित हैं। किसान संगठनों और विपक्ष ने GM उत्पादों के “पिछले दरवाजे” से आने की आशंका जताई है, जबकि सरकार ने अपनी पुरानी GM नीति में कोई बदलाव न होने की बात कही है।

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राष्ट्रीय दलहन क्रांति

राष्ट्रीय दलहन क्रांति: बिहार को दलहन खेती बढ़ाने के लिए 93.75 करोड़ की मदद

सीहोर में आयोजित राष्ट्रीय दलहन कार्यक्रम में केंद्र ने देश में दलहन उत्पादन बढ़ाने की पहल शुरू की और बिहार को 93.75 करोड़ रुपये की सहायता दी। बिहार सरकार ने पांच साल में दलहन उत्पादन में आत्मनिर्भर बनने का लक्ष्य रखा है और इसके लिए विशेष पैकेज, उन्नत बीज, सीड हब और बेहतर फसल बीमा की मांग की है।

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सरकारी गोदामों

गेहूं की आपूर्ति बढ़ी, सरकार ने स्टॉक लिमिट हटाई

केंद्र सरकार ने कीमतों पर नजर रखने और आने वाले त्योहारी सीजन से पहले गेहूं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लि‍हाज से 27 मई, 2025 को जारी गेहूं स्टॉक सीमा आदेश को तत्काल प्रभाव से वापस ले लिया है। एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि यह फैसला घरेलू बाजारों में आरामदायक आपूर्ति…

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5 मिनट में मिलेगा ई-केसीसी ऋण

5 मिनट में मिलेगा ई-केसीसी से ऋण, डिजिटल गवर्नेंस से बदली तस्वीर: सीएम योगी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि डिजिटल गवर्नेंस के कारण अब किसानों को ई-केसीसी के जरिए सिर्फ 5 मिनट में ऋण मिल रहा है, जबकि पहले इसमें कई हफ्ते लगते थे। 2026-27 के लिए कृषि ऋण लक्ष्य 3 लाख करोड़ रुपये रखा गया है। सरकार एफपीओ, सहकारिता, एमएसएमई और ओडीओपी जैसी योजनाओं से किसानों और उद्यमियों को मजबूत कर रही है। मुख्यमंत्री ने बैंकों से ऋण की शर्तें आसान करने और प्रशिक्षण व तकनीक के जरिए किसानों की आय बढ़ाने पर जोर दिया।

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धान खेती का नया मॉडल

कम पानी, कम मजदूरी, ज्यादा उत्पादन: धान खेती का नया मॉडल

IRRI की स्टडी के मुताबिक, डायरेक्ट सीडेड राइस (DSR) पर सही निवेश से भारत में जलवायु-अनुकूल धान खेती को बढ़ावा मिल सकता है। यह तरीका कम पानी और कम मजदूरी में खेती संभव बनाता है। नई DSR-अनुकूल धान किस्मों ने परीक्षण में करीब 15% ज्यादा पैदावार दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे किसानों की लागत घटेगी, आय बढ़ेगी और पर्यावरण पर दबाव भी कम होगा।

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सीहोर में 7 फरवरी को राष्ट्रीय दलहन कॉन्फ्रेंस

सीहोर में 7 फरवरी को राष्ट्रीय दलहन कॉन्फ्रेंस, केंद्रीय कृषि मंत्री करेंगे अध्यक्षता

7 फरवरी 2026 को मध्य प्रदेश के सीहोर में दलहन कॉन्फ्रेंस आयोजित होगी, जिसकी अध्यक्षता केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान करेंगे। इसमें सभी राज्यों के कृषि मंत्री शामिल होंगे और दलहन उत्पादन बढ़ाने व किसानों की आय बढ़ाने पर चर्चा होगी। सम्मेलन में किसानों से संवाद, प्रदर्शनी और फूड लेग्यूम्स रिसर्च सेंटर में नए भवन व प्रयोगशालाओं का उद्घाटन भी किया जाएगा।

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योगी आदित्यनाथ

गन्ने के साथ तिलहन–दलहन की खेती से बदलेगी यूपी की तस्वीर: योगी आदित्यनाथ

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गन्ने के साथ तिलहन और दलहन की अंतर-फसल को खेती का भविष्य बताया है। उन्होंने कहा कि सरसों, मसूर, उड़द और मूंग जैसी फसलों को गन्ने के साथ उगाने से किसानों की आमदनी कई गुना बढ़ सकती है। यह योजना 2026-27 से मिशन मोड में लागू होगी, जिससे कम लागत में ज्यादा उत्पादन, स्थिर आय और किसानों की आर्थिक मजबूती सुनिश्चित होगी।

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बिहार का कृषि लेखा-जोखा

अनाज उत्पादन बढ़ा, चावल पीछे छूटा: बिहार का कृषि लेखा-जोखा

बिहार सरकार मंगलवार को 2026–27 का करीब 3.70 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश करेगी। बजट से पहले आए आर्थिक सर्वेक्षण में कृषि पर खास जोर दिखा है। अनाज उत्पादन बढ़ा है, लेकिन चावल की उत्पादकता घटी है, जबकि गेहूं और मक्का में ज्यादा वृद्धि हुई है। सरकार ने 2031 तक मखाना की खेती का रकबा 70 हजार हेक्टेयर बढ़ाने का लक्ष्य रखा है और बागवानी व उच्च मूल्य वाली फसलों को बढ़ावा देने की बात कही है। हालांकि आम और लीची के क्षेत्रफल में बहुत मामूली बढ़ोतरी हुई है।

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BUDGET

बजट 2026 से कृषि और किसानों के लाभ-हानि का लेखा-जोखा— प्रो. के.एन. तिवारी

प्रो. केएन तिवारी के मुताबिक केंद्रीय बजट 2026 में कृषि के लिए आवंटन बढ़ाया गया है और सरकार ने उच्च मूल्य वाली फसलों, निर्यात, भंडारण और तकनीक पर फोकस किया है। हालांकि उर्वरक सब्सिडी बढ़ने के बावजूद यूरिया सुधार, एमएसपी गारंटी और छोटे किसानों की बुनियादी समस्याओं पर ठोस कदम नहीं उठाए गए। उनका मानना है कि बजट सतत विकास की दिशा में तो है, लेकिन संरचनात्मक सुधारों की कमी के कारण इसकी सफलता सीमित रह सकती है।

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शिवराज सिंह चौहान

गांव, किसान और गरीब को केंद्र में रखने वाला ऐतिहासिक बजट: शिवराज सिंह चौहान

केंद्रीय बजट 2026-27 को कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ऐतिहासिक और विकसित भारत की नींव रखने वाला बताया है। बजट में गांव, गरीब, किसान, महिला और युवाओं पर विशेष ध्यान दिया गया है। ग्रामीण विकास बजट में 21% की बढ़ोतरी, कृषि बजट 1.32 लाख करोड़ रुपये और 1.70 लाख करोड़ रुपये से अधिक की उर्वरक सब्सिडी का प्रावधान किया गया है। लखपति दीदी, SHE-मार्ट, मनरेगा, पंचायतों को सीधी सहायता और कृषि अनुसंधान के जरिए किसानों की आय बढ़ाने व ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दिया गया है।

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