पंजाब में बाढ़ से तबाही

पंजाब में बाढ़ से तबाही: फसलें डूबीं, अनाज खराब, केंद्र सरकार ने दी मदद का भरोसा

पंजाब में बाढ़ से हालात बेहद गंभीर हो गए हैं। अब तक करीब 1.48 लाख हेक्टेयर फसल बर्बाद हो चुकी है और घरों में रखा गेहूं और दूसरे अनाज भी भीगकर खराब हो गए हैं। किसानों का कहना है कि नुकसान 3 लाख हेक्टेयर से ज्यादा है। हालात इतने खराब हैं कि लोगों के पास न खेत की फसल बची है और न ही घर का अनाज। इस बीच केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भरोसा दिलाया है कि केंद्र सरकार किसानों और जनता के साथ खड़ी है और जल्द ही राहत कार्य तेज़ किए जाएंगे।

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23 जिलों के 1200 से ज्यादा गांव प्रभावित

भारी बारिश से पंजाब बेहाल, सरकार ने पूरे राज्य को आपदा क्षेत्र घोषित किया

पंजाब में भारी बारिश और बाढ़ से हालात गंभीर हो गए हैं। 23 जिलों के 1200 से ज्यादा गांव प्रभावित हैं और राज्य को आपदा प्रभावित घोषित किया गया है। लगभग 3.75 लाख एकड़ धान की फसल और पशुधन को भारी नुकसान हुआ है। सभी स्कूल-कॉलेज 7 सितंबर तक बंद रहेंगे, जबकि केंद्र और राज्य सरकारें राहत-बचाव कार्यों में जुटी हैं।

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पंजाब कृषि विश्वविद्यालय

धान से लेकर कपास तक… फसलों को नुकसान से बचाने के उपाय

पंजाब कृषि विश्वविद्यालय ने बाढ़ के बाद फसलों को बचाने के लिए किसानों को सलाह दी है। खेतों से जल्दी पानी निकालने पर जोर दिया गया है। धान-बासमती में यूरिया, पोटेशियम नाइट्रेट और फफूंदनाशक छिड़काव की सलाह है। मक्का, ज्वार और बाजरा में नुकसान के हिसाब से यूरिया का प्रयोग करने को कहा गया है। कपास किसानों को पैराविल्ट और गुलाबी सुंडी से बचाव के उपाय बताए गए हैं। वहीं, फलदार पेड़ों की देखभाल, टूटी शाखाओं की छंटाई और मिट्टी में नाइट्रोजन-पोटेशियम खाद डालने की हिदायत दी गई है।

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सितंबर में सामान्य से अधिक बारिश का अनुमान

सितंबर में सामान्य से अधिक बारिश का अनुमान, उत्तराखंड, दिल्ली-हरियाणा और राजस्थान में बाढ़-भूस्खलन का खतरा

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अनुमान लगाया है कि सितंबर 2025 में देशभर में सामान्य से अधिक बारिश होगी। इससे खासकर उत्तराखंड, दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में बाढ़ और भूस्खलन का खतरा है। जून से अगस्त तक देश में पहले ही सामान्य से लगभग 6% ज्यादा बारिश दर्ज हो चुकी है। पंजाब, हिमाचल, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में भारी तबाही हो चुकी है। मौसम विभाग का कहना है कि सक्रिय मानसून, पश्चिमी विक्षोभ और समुद्र से आई नमी की वजह से बारिश असामान्य रूप से बढ़ी है।

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कुल्लू-मनाली

लैंडस्लाइड में दबता विकास, कुल्लू-मनाली की बरसाती तबाही और उसका असर

अगस्त 2025 में भारी बारिश ने कुल्लू-मनाली घाटी में फिर से कहर बरपाया, जिससे सैकड़ों सड़कें और किरतपुर–मनाली फोरलेन जगह-जगह धंस गईं और कई दुकानें-घर ब्यास नदी में समा गए। पर्यटन पर गहरा असर पड़ा, वहीं किसानों की सेब और सब्ज़ियों की खेप मंडियों तक नहीं पहुँच पा रही है, जिससे करोड़ों का नुकसान होने की आशंका है। विशेषज्ञों का मानना है कि अवैज्ञानिक निर्माण, फोरलेन परियोजना में पहाड़ों की अंधाधुंध कटाई और जलवायु परिवर्तन ने आपदा की तीव्रता को और बढ़ाया है। यह स्थिति केवल प्राकृतिक आपदा नहीं बल्कि हिमालयी विकास मॉडल और पर्यावरणीय संतुलन को लेकर एक गंभीर चेतावनी है, जिस पर तत्काल और दीर्घकालिक रणनीति बनाने की ज़रूरत है।

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भारी बारिश

उत्तर गुजरात में भारी बारिश का कहर: बनासकांठा में 10,000 एकड़ खेती की जमीन जलमग्न, किसानों के सपने डूबे

उत्तर गुजरात में मानसून इस बार किसानों के लिए आफत बनकर आया है। बीते दो दिनों से लगातार हो रही भारी बारिश ने बनासकांठा जिले में तबाही मचा दी है। मौसम विभाग की चेतावनी के अनुसार डीसा तालुका और आसपास के गांवों में करीब 9 इंच बारिश दर्ज की गई है, जिसके चलते खेतों में 5 से 6 फीट तक पानी भर गया है। करीब 10,000 एकड़ उपजाऊ जमीन जलमग्न हो गई है और किसानों की मेहनत का फल – खासकर मूंगफली की फसल – पूरी तरह से नष्ट हो गई है।

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मध्य भारत

इन चार राज्यों के 102 जिले क्लाइमेट चेंज से निपटने के लिए तैयार नहीं, जिला स्तरीय कार्य योजना तैयार करने की जरुरत: स्टडी

एक नए अध्ययन से पता चला है कि मध्य भारत के तीन में से एक जिला क्लाइमेट चेंज से निपटने और इसके अनुकूल बनने के लिए पूरी तरह तैयार नहीं है. इस अध्ययन में एग्रो-क्लाइमेटिक और सामाजिक-आर्थिक असुरक्षाओं के आधार पर क्षेत्र के जलवायु परिवर्तन से निपटने की क्षमता के बारे में बताया गया है। स्टडी के निष्कर्ष बढ़ते तापमान, अनियमित वर्षा और सूखे का मुकाबला करने की तैयारियों के बारे में कमियों और किए जाने वाले उपायों को सामने लाते हैं।

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लखीमपुर खीरी में 21 मई को आई आंधी और तूफान में केले की 30% फसल बर्बाद हो गई।

आधे घंटे के तूफान ने बर्बाद कर दी साल भर की मेहनत, केले की 30% फसल तबाह

लखीमपुर खीरी: 21 मई को आई आंधी और तूफान में केले की 30% फसल बर्बाद हो गई। जिले में करीब एक हजार हेक्टेयर में केले की खेती होती है। किसानों का कहना है कि, महज आधे घंटे के लिए आए आंधी और तूफान ने बहुत भारी नुकसान हो गया। उन्होंने अपनी जिंदगी में इतनी भयंकर…

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उत्तर-पश्चिम भारत के कई हिस्से में 10 मई को तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है।

भारत के अलग-अलग हिस्सों में अगले कुछ दिन कैसा रहेगा मौसम का मिजाज़?

भारत में अगले कुछ दिन कहीं बारिश होने की संभावना है, तो कहीं आंधी-तूफान के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका जताई गई है। उत्तर-पश्चिम भारत के कई हिस्से में 10 मई को तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है। मौसम विभाग ने अपने ताजा अपडेट में कहा है कि, 10 और 11 मई…

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यूरोपीय संघ की कॉपरनिकस क्लाइमेट चेंज सर्विस की रिपोर्ट के अनुसार, अप्रैल 2025 पूरी दुनिया के लिए अब तक का दूसरा सबसे गर्म अप्रैल रहा।

SPECIAL REPORT: 2025 का अप्रैल बना इतिहास का दूसरा सबसे गर्म अप्रैल, क्या खतरे की घंटी बज चुकी है?

पूरी दुनिया के लिए अप्रैल 2025 जलवायु इतिहास का अब तक का दूसरा सबसे गर्म अप्रैल का महीना था। रिपोर्ट के मुताबिक अप्रैल 2025 में वैश्विक तापमान 14.96 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया 2025 का जनवरी पिछले कई सालों की तुलना में कम ठंडा रहा है। फरवरी में ही गर्मी ने दस्तक दे दी, और…

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