गन्ना किसानों के अगले 45-60 दिन हैं महत्वपूर्ण, 15 मार्च से मई तक बोरर कीटों से गन्ने की फसल को कैसे बचाएं?
ये मार्च का समय गन्ने की बुआई का चल रहा है किसान पूरी तैयारी के साथ गन्ने की बुआई कर कर रहे हैं या कर चुके हैं। वैज्ञानिकों के मुताबिक गर्मी बढ़ने पर गन्ने की फसल में बोरर लगता है। इस वक्त बोरर कीट रात के समय प्रजनन के लिए बाहर निकलते हैं और अपने अण्डे गन्ने की पत्तियों पर छोड़ जाते हैं। यही अण्डे विकसित होके फसल को बर्बाद कर देते हैं।
वैज्ञानिक डॉ. टीपी त्रिवेदी (पूर्व एडीजी, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, नई दिल्ली) ने जो जानकारी न्यूज पोटली को दी है वो पूरी जानकारी प्वाइंटों के रूप में नीचे बताईं जा रही हैं।
आप पूरी जानकारी यूट्यूब पर भी देख सकते हैं।
गन्ना किसानों के अगले 45-60 दिन हैं महत्वपूर्ण

15 मार्च से मई तक बोरर कीटों से गन्ने को कैसे बचाएं?
तीन तरह के बोरर हैं टॉप बोरर (चोटी भेदक), शूट बोरर (तना भेदक) और रुट बोरर (जड़ भेदक)
गर्मी बढ़ने पर गन्ने की फसल में लगता है बोरर
ज्यादातर किसान नुकसान हो जाने पर समझ पाते हैं बीमारी

ये छोटे से घरेलू उपाय आप की गन्ने की फसल बचा सकते हैं
खेत में रात में जलाएं, लॉलटेन, पेट्रोमैक्स या फिर बिजली का बल्ब
रौशनी के नीचे अगर कीट पतंगे नजर आएं तो हो जाएं सचेत
एक से 2 फीट के गन्ने के मेटिंग के बाद कीट देते हैं अंडे
पत्तों में घुस जाते हैं कीट, फिर नुकसान पहुंचाते हैं

बोरर कीटों का प्रकोप ज्यादातर बार मई के बाद दिखता है
मार्च-अप्रैल में कुछ कीट दिखें तुरंत करें दवा का छिड़काव
फेरोमोन ट्रैप से भी कीटों का मिल सकता है अलर्ट
पहले निगरानी में कीट दिखें तो 15 दिन के अंतर पर 2-3 बार करें छिड़काव
कौन से कीटनाशक छिड़काव करें किसान ?
ये भी जानना जरुरी है कि जड़ से लेकर पुलंगी तक असर दिखाने वाले पर कीटनाशक का ही प्रयोग करें सिस्टमिक इंसेक्टिसाइड ही बोरर कॉम्प्लेक्स से निपटने में असरदार है।