Rohit Tripathi

driverless tractor

बिना ड्राइवर का ट्रैक्टर लेकिन फायदे हज़ार

वो ज़माना तो लगभग जा ही चुका है जब बैलों के जरिए खेती होती थी लेकिन लग रहा है कि अब ट्रैक्टर चलाने के लिए ड्राइवर की भी ज़रूरत खत्म होने वाली है और टेक्नोलॉजी खेती में नए नए अध्याय जोड़ रही है. महाराष्ट्र के अकोला में रहने वाले किसान विजेंद्र वरोकार ने कुछ ऐसा ही किया है कि वो चर्चा में आ गए हैं. उन्होंने अपने ट्रैक्टर मे एक ऐसी जर्मन तकनीक का इस्तेमाल किया है कि उनका ट्रैक्टर ड्राइवर रहित हो गया है. यह ट्रैक्टर बगैर किसी इंसान के खुद ही खेत की जुताई कर सकता है. इसके अलावा जुताई के साथ साथ यह बीजों की बुवाई में भी सक्षम है.

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देश के 85% खेत हो रहे बांझ, इसका असल जिम्मेदार कौन?

देश के 85 % खेत बांझ हो रहे हैं, क्या आपको इसके कारण पता है? अजीब बात है कि भारत को कृषि प्रधान देश कहा जाता है और उसके बावजूद देश कहा जाता है और उसके बावजूद ये हाल है? इसके कारण क्या हैं और इस समस्या के समाधान क्या हो सकते हैं? जानिए डॉ. राजाराम त्रिपाठी से जो वर्तमान में अखिल भारतीय किसान महासंघ (आईफा) के राष्ट्रीय समन्वयक हैं.

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श्रवण डाँडेकर

नारियल के छिलके से लाखों का बिजनेस, सुनिए दापोली के श्रवण डाँडेकर की कहानी

रिपोर्ट – अरविंद शुक्ला (दापोली, महाराष्ट्र) कोई कचरे के रीयूज के बारे में जब बात करता है तो हमें वह अक्सर छोटे पैमाने पर ही नजर आता है. लेकिन विज्ञान की तरक्की के इस युग में अब कचरे के सहारे बड़ी बड़ी फ़ैक्टरीज चलने लग गई हैं. खास बात है कि तकनीकी वरदान के सहारे…

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