कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बीड में किसानों को भरोसा दिलाया कि बारिश से हुए फसल नुकसान का मुआवजा जल्द मिलेगा। उन्होंने फसल विविधता, प्रोसेसिंग, और इंटीग्रेटेड फार्मिंग अपनाने पर जोर दिया। साथ ही कहा कि सरकार उर्वरक सब्सिडी सीधे किसानों के खाते में भेजने पर विचार कर रही है।
बीड में आयोजित किसान सम्मेलन में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किसानों से सीधा संवाद किया। उन्होंने फसल नुकसान की भरपाई से लेकर खेती की नई रणनीतियों तक कई अहम बातें कहीं। मंत्री ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर किसानों की हर संभव मदद करेंगी।
फसल नुकसान पर मिलेगा मुआवजा
हाल ही में महाराष्ट्र में हुई भारी बारिश से किसानों की फसलें बर्बाद हुई हैं। इस पर कृषि मंत्री ने कहा कि सरकार जल्द ही SDRF फंड से राहत राशि जारी करेगी।उन्होंने बताया कि केंद्रीय टीम ने नुकसान का आकलन कर लिया है और राज्य सरकार की रिपोर्ट मिलते ही किसानों को मुआवजा मिलेगा।मंत्री ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का ज़िक्र करते हुए कहा, “मैं सुनिश्चित करूंगा कि मुआवजे की एक-एक पाई किसानों तक पहुंचे।”
उत्पादन बढ़ाने पर जोर
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि सरकार ‘लैब टू लैंड’ अभियान के जरिए खेतों में उत्पादकता बढ़ाने पर काम कर रही है।उन्होंने बताया कि कृषि विज्ञान केंद्रों को किसानों की ज़मीन पर जाकर सीधा समाधान देने की जिम्मेदारी दी गई है।साथ ही, जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए ऐसी फसल किस्में विकसित की जा रही हैं जो सूखा और जलभराव दोनों सह सकें।
ये भी पढ़ें – गन्ना किसानों को बड़ी राहत, कर्नाटक सरकार ने बढ़ाया गन्ने का दाम
खेती में विविधता से बढ़ेगी आय
मंत्री ने किसानों से अपील की कि वे सिर्फ सोयाबीन या कपास जैसी पारंपरिक फसलों पर निर्भर न रहें।उन्होंने सुझाव दिया कि किसान फलों की बागवानी, औषधीय पौधों और कृषि वानिकी (Agroforestry) को अपनाएं।उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया, “एक किसान ने ग्लोबल विकास ट्रस्ट की मदद से पपीता और केला लगाकर अपनी आय ₹37,000 से बढ़ाकर ₹3.5 से ₹5 लाख कर ली।”
किसानों को उपज का सही भाव दिलाने की योजना
मंत्री ने कहा कि किसानों की फसल का भाव और उपभोक्ता द्वारा चुकाए गए दाम के बीच बड़ा अंतर है।इसे कम करने के लिए उन्होंने दो रास्ते बताए एक किसान समूह बनाकर सीधे व्यापारियों को उपज बेचें। दूसरा स्थानीय स्तर पर प्रोसेसिंग यूनिट लगाएं, ताकि उत्पाद का मूल्य बढ़े और किसानों को ज़्यादा दाम मिले।उन्होंने यह भी बताया कि MIS योजना के तहत अगर किसी इलाके में कोई फसल सस्ते में बिक रही है, तो सरकार उसका परिवहन खर्च उठाकर उसे दूसरे बाजारों में बेचने में मदद करेगी।
उर्वरक सब्सिडी सीधे खाते में देने पर विचार
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि सरकार इस पर विचार कर रही है कि उर्वरक सब्सिडी सीधे किसानों के बैंक खातों में दी जाए।हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि यह फैसला किसानों की राय लेने के बाद ही लागू किया जाएगा।उन्होंने जैविक खेती और इंटीग्रेटेड फार्मिंग (खेती के साथ मछली पालन, डेयरी आदि) को अपनाने पर भी ज़ोर दिया ताकि किसानों की आमदनी दोगुनी हो सके।
ये देखें –