कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ‘दलहन आत्मनिर्भरता मिशन’ और ‘प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना’ को समय पर लागू करने के निर्देश दिए। इसके तहत 11 मंत्रालयों और राज्यों के अधिकारियों के साथ बैठक कर योजनाओं का त्वरित क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाएगा। इन पहलों से दलहन उत्पादन, किसानों की आय और रोजगार में वृद्धि होगी।
केंद्रीय कृषि और किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ‘दलहन आत्मनिर्भरता मिशन’ और ‘प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना’ को समय पर लागू करने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना को जमीनी स्तर पर सही तरीके से लागू करने के लिए 11 मंत्रालयों के मंत्रियों के साथ जल्द ही बैठक आयोजित की जाएगी। इसका मकसद किसानों को योजना का अधिकतम लाभ पहुँचाना है।
दलहन मिशन के लिए राज्यों के साथ बैठक
शिवराज सिंह ने दलहन आत्मनिर्भरता मिशन को समयबद्ध तरीके से लागू करने के लिए संबंधित राज्यों के नोडल अधिकारियों के साथ बैठक करने का निर्देश भी दिया। इस मिशन के तहत जिलेवार क्लस्टर बनाकर काम किया जाएगा और किसानों को ज्यादा से ज्यादा फायदा पहुंचाने के प्रयास होंगे।
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योजनाओं का उद्देश्य और वित्तीय पहल
प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना 100 आकांक्षी जिलों में लागू होगी और इसके तहत 11 मंत्रालयों की 36 उप-योजनाओं का समन्वय किया जाएगा। ये योजना छह साल की अवधि के लिए है, जिसमें वार्षिक बजट 24,000 करोड़ रुपये है। वहीं, दलहन आत्मनिर्भरता मिशन के लिए 11,440 करोड़ रुपये का खर्च निर्धारित है। इस मिशन से दलहन की खेती बढ़ेगी, उत्पादन में सुधार होगा और किसानों के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
किसानों के लिए उम्मीद और लाभ
इन दोनों पहलों से किसान भाई-बहनों को उच्च उत्पादन, बेहतर आय और रोजगार के अवसर मिलेंगे। दोनों योजनाओं का त्वरित और प्रभावी क्रियान्वयन किसानों के जीवन स्तर को सुधारने में मदद करेगा।
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