मध्य प्रदेश में आम किसान यूनियन अपनी मांगों को लेकर अलग-अलग पंचायतों में ट्रैक्टर रैली निकाल रहा है। इसी क्रम में यूनियन में बुधवार को हरदा जिले के धानवानीमा, जीजगांव, राता तलाई, हेमापुर, में ट्रैक्टर रैली निकी और अपनी मांगों को लेकर सचिव को ज्ञापन सौंपा।
आंदोलन के पहले चरण में किसान पंचायत स्तर पर ट्रेक्टर रैली और बैठकों का आयोजन कर रहे हैं, जो 10 अक्टूबर तक चलेगा। किसान गांव-गांव जाकर सरपंच और सचिवों को ज्ञापन सौंप रहे हैं। इसके बाद किसान जिला मुख्यालय पर अनिश्चितकालीन देंगे। किसानों का कहना है, मध्यप्रदेश का किसान आज गहरी निराशा और आक्रोश की स्थिति में है. आधे प्रदेश में खरीफ की फसलें अतिवृष्टि, कीट और बीमारियों से पूरी तरह चौपट हो चुकी हैं. लेकिन सरकार की ओर से समर्थन मूल्य पर खरीदी की जगह भावांतर से सोयाबीन खरीदी का ऐलान कर दिया गया है।

सभी फसलों पर MSP की मांग
आम किसान यूनियन के संस्थापक सदस्य सुनील गोल्या का कहना है अतिवृष्टि, कीट और रोगों से बर्बाद फसलों का तुरंत सर्वे कर मुआवजा दिया जाए। भावांतर योजना को समाप्त कर सोयाबीन और मक्का समेत सभी फसलों की खरीदी समर्थन मूल्य पर सुनिश्चित की जाए। साल 2018 की भावांतर योजना की बकाया राशि किसानों को दी जाए।
आम किसान यूनियन की प्रमुख मांगें
1. अतिवृष्टि, कीट और वायरस से नष्ट हुई फसलों का तुरंत सर्वे कर किसानों को मुआवजा दिया जाए।
2. वर्तमान में लागू की गई भावांतर योजना को तुरंत प्रभाव से बंद किया जाए और सभी फसलों की खरीदी न्यूनतम समर्थन मूल्य पर की जाए।
3. वर्ष 2018 के भावांतर की बकाया राशि जल्द से जल्द किसानों को दी जाए।
4. रासायनिक उर्वरक डीएपी और यूरिया की उपलब्धता हर पंचायत स्तर पर समिति के माध्यम से किसानों को मिले।
5. पंचायत राता तलाई मे बेसहारा मवेशीयो से किसनों की फसलें बर्बाद हो रही हैं, और सड़कों पर दुर्घटनाएं हो रही हैं, उनका उचित प्रबंधन गौशालाओं में किया जाए।