जनवरी-अक्टूबर 2025 में भारत का चाय निर्यात 6.47% बढ़कर 228.52 मिलियन किलो हुआ, मूल्य ₹6882.91 करोड़ रहा और औसत कीमत ₹301.20 प्रति किलो। उत्तरी भारत से निर्यात बढ़ा, दक्षिणी भारत से घटा, जबकि खराब मौसम के कारण उत्पादन 21% घटकर 161.93 मिलियन किलो रहा।
भारत का चाय निर्यात जनवरी से अक्टूबर 2025 के दौरान 6.47% बढ़कर 228.52 मिलियन किलो हो गया। इस बढ़ोतरी में यूएई और इराक जैसे देशों की मजबूत मांग का बड़ा योगदान रहा। हालांकि, देश के दक्षिणी हिस्सों से चाय की आपूर्ति में कमी आई। पिछले साल इसी अवधि में निर्यात 214.64 मिलियन किलो था।
निर्यात की कीमत और कुल मूल्य में बढ़ोतरी
इस अवधि में भारत की चाय की कुल निर्यात कीमत ₹6882.91 करोड़ रही, जो पिछले साल के ₹5831.1 करोड़ की तुलना में 18% अधिक है।एक किलो चाय की औसत कीमत भी बढ़ी और ₹301.20 प्रति किलो रही, जबकि पिछले साल यह ₹271.67 प्रति किलो थी, यानी करीब 10.87% की बढ़ोतरी।
उत्तरी और दक्षिणी भारत का प्रदर्शन
उत्तरी भारत: इस साल जनवरी से अक्टूबर तक उत्तरी भारत से निर्यात 19.55% बढ़कर 153.22 मिलियन किलो हुआ, जबकि मूल्य के हिसाब से निर्यात ₹4959.49 करोड़ रहा, जो पिछले साल के ₹3907.81 करोड़ से लगभग 27% अधिक है।
दक्षिणी भारत: दक्षिण भारत से निर्यात 13% घटकर 75.30 मिलियन किलो हो गया, जबकि मूल्य लगभग स्थिर रहा और ₹1923.42 करोड़ रहा।
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पिछले साल का प्रदर्शन
2024 में भारत का चाय निर्यात 256.17 मिलियन किलो था, जो 2023 के 231.69 मिलियन किलो से 11% अधिक था। मूल्य के हिसाब से निर्यात ₹7167.41 करोड़ था, जो पिछले साल के ₹6160.86 करोड़ की तुलना में 16.34% अधिक था।
उत्पादन पर मौसम का असर
भारत में चाय का उत्पादन इस साल खराब मौसम की वजह से प्रभावित रहा। अक्टूबर 2025 में भारत का चाय उत्पादन 21% घटकर 161.93 मिलियन किलो हो गया, जबकि पिछले साल इसी समय 205.77 मिलियन किलो था।
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