रमेश चंद की किसानों से अपील, बिना MSP वाली फसलों में है ज्यादा कमाई

रमेश चंद

नीति आयोग के सदस्य रमेश चंद ने किसानों से कहा कि वे सिर्फ़ MSP वाली फसलों पर निर्भर न रहें और ऐसी फसलें उगाएँ जिनकी बाजार में अधिक मांग है। उनका कहना है कि MSP वाली फसलों की वृद्धि दर कम है, जबकि बिना MSP वाली फसलें तेजी से बढ़ रही हैं और उनसे अधिक कमाई हो सकती है। उन्होंने जोर दिया कि देश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए किसानों को आधुनिक तकनीक, नवाचार और पूरी वैल्यू चेन से जोड़ना जरूरी है, ताकि खेती लाभकारी बने और किसान मजबूत हों।

नीति आयोग के सदस्य रमेश चंद ने किसानों से अपील की है कि वे सिर्फ़ सरकारी MSP वाली फसलों पर निर्भर न रहें, बल्कि उन फसलों की खेती भी अपनाएँ जिन पर MSP नहीं मिलता। उनका कहना है कि अगर किसान फसलें बदलेंगे और बाजार की मांग के हिसाब से खेती करेंगे, तो देश आत्मनिर्भर बनेगा और किसानों की आय भी बढ़ेगी।

कृषि विकास दर औसतन 4.6%
वे एक कृषि सम्मेलन में बोल रहे थे, जहाँ उन्होंने बताया कि पिछले 10 सालों में MSP वाली फसलें केवल 1.8% की दर से बढ़ी हैं, जबकि MSP के बिना वाली फसलें 4% की दर से बढ़ी हैं। भारत की कृषि विकास दर औसतन 4.6% है, लेकिन देश में मांग सिर्फ़ 2% बढ़ रही है। इससे उत्पादन अधिक हो रहा है, और सवाल उठता है कि अतिरिक्त फसल का क्या किया जाए।

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14 खरीफ और 6 रबी फसलों का MSP घोषित
सरकार हर साल 14 खरीफ और 6 रबी फसलों का MSP घोषित करती है। रमेश चंद का कहना है कि देश में एक ऐसी उपभोक्ता श्रेणी बढ़ रही है जिनके पास अच्छी खरीद क्षमता है। अगर किसान उनकी पसंद की फसलें उगाएँगे तो उन्हें ज्यादा कमाई होगी। लेकिन इसके लिए बीज से लेकर बाजार तक पूरी वैल्यू चेन मजबूत करनी होगी।

किसानों को नीतियों के केंद्र में रखना होगा
उन्होंने कहा कि दुनिया में अब कृषि की योजना “फूड सिस्टम” के रूप में बनाई जा रही है। अर्थात् खेती, प्रोसेसिंग, मार्केटिंग और वितरण सबको जोड़कर। इससे किसानों की आमदनी बढ़ती है।भारत को आत्मनिर्भर बनाने के लिए जरूरी है कि किसानों को आधुनिक तकनीक, नवाचार और सही नीतिगत समर्थन मिले। साथ ही, किसानों को नीतियों के केंद्र में रखना होगा ताकि उनकी वास्तविक जरूरतों के अनुसार फैसले लिए जा सकें।

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