8.6% से 17.7% तक का सफर, यूपी की खेती-किसानी ने रचा नया इतिहास

खेती-किसानी

उत्तर प्रदेश ने खेती-किसानी में बड़ी प्रगति की है। राज्य की कृषि विकास दर 8.6% से बढ़कर 17.7% हो गई है। सरकार की योजनाओं, सिंचाई सुविधाओं और तकनीकी खेती के कारण गेहूं, चावल, गन्ना, तिलहन और दलहन का उत्पादन बढ़ा है। यूपी अब गेहूं, गन्ना और दूध उत्पादन में देश में नंबर वन है, जबकि इथेनॉल उत्पादन में 42.27% योगदान के साथ सबसे आगे है। सरकार का अगला लक्ष्य 2027 तक किसानों की आय दोगुनी करना और प्रदेश को कृषि आत्मनिर्भर राज्य बनाना है।

उत्तर प्रदेश ने खेती-किसानी के क्षेत्र में बड़ी छलांग लगाई है। जहां साल 2016-17 में प्रदेश की कृषि विकास दर सिर्फ 8.6% थी, वहीं 2024-25 में यह बढ़कर 17.7% तक पहुंच गई है। यह सफलता सिर्फ आंकड़ों में नहीं, बल्कि करोड़ों किसानों की मेहनत और सरकार की योजनाओं के असर का नतीजा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सरकार ने खेती को सिर्फ गुजारे का जरिया नहीं, बल्कि “लाभदायक व्यवसाय” के रूप में विकसित किया है।

किसानों के लिए लागू हुईं असरदार योजनाएं
प्रदेश सरकार ने पिछले आठ सालों में कई योजनाएं जमीन पर उतारीं। किसान कल्याण मिशन, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि,मुख्यमंत्री सामूहिक सिंचाई योजना जैसी योजनाओं से किसानों की आमदनी में सीधा फायदा हुआ।धान, गेहूं और गन्ना जैसी प्रमुख फसलों के समर्थन मूल्य (MSP) में लगातार बढ़ोतरी से किसानों को सही दाम मिला।इसके साथ ही प्राकृतिक खेती, जैविक खेती और ड्रोन आधारित सटीक कृषि (Precision Farming) को बढ़ावा दिया गया, जिससे लागत घटी और उत्पादन बढ़ा।

यूपी का एग्रीकल्चर रिपोर्ट कार्ड

गेहूं उत्पादन में नंबर वन
उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा गेहूं उत्पादक राज्य है।2024-25 में प्रदेश ने 414.39 लाख मीट्रिक टन गेहूं का उत्पादन किया, जो देश के कुल उत्पादन का 35.3% हिस्सा है।

चावल उत्पादन में दूसरा स्थान
राज्य ने लगभग 14 लाख मीट्रिक टन चावल का उत्पादन किया।धान की खेती 5.86 लाख हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में की जाती है।

ये भी पढ़ें – लो टनल तकनीक से अब ऑफ-सीजन सब्जियों की होगी भरपूर पैदावार

गन्ने में सबसे आगे
उत्तर प्रदेश देश का 54.5% गन्ना उत्पादन करता है।राज्य में 29.51 लाख हेक्टेयर क्षेत्र गन्ने की खेती के अंतर्गत है।लखीमपुर खीरी, मुजफ्फरनगर, शामली और मेरठ अग्रणी जिले हैं।

इथेनॉल उत्पादन में भी अव्वल
प्रदेश का देश के कुल इथेनॉल उत्पादन में 42.27% योगदान है।2023-24 में 180 करोड़ लीटर इथेनॉल बना, और 2024-25 में यह क्षमता 223.9 करोड़ लीटर तक बढ़ने की उम्मीद है।गन्ने और मक्के से बने इस इथेनॉल ने किसानों की आमदनी बढ़ाई और प्रदूषण घटाने में मदद की।

तिलहन और दलहन में सुधार
राज्य का देश के तिलहन उत्पादन में 6.9% और दलहन उत्पादन में 14.1% योगदान है।सरकार 2026-27 तक तिलहन में आत्मनिर्भरता का लक्ष्य हासिल करना चाहती है।

दूध उत्पादन में नंबर वन
उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा दूध उत्पादक राज्य है।2023-24 में प्रदेश ने 239.30 लाख टन दूध का उत्पादन किया।अब प्रति व्यक्ति दूध की उपलब्धता 471 ग्राम प्रतिदिन तक पहुंच गई है।

तकनीक और प्राकृतिक खेती
राज्य सरकार अब खेती को पर्यावरण अनुकूल और डिजिटल तकनीक आधारित बनाने पर जोर दे रही है।ड्रोन सर्वे, मिट्टी स्वास्थ्य कार्ड, जल संरक्षण योजनाएं और कृषि-उद्योग क्लस्टर इस दिशा में बड़े कदम हैं।सरकार का लक्ष्य है कि 2027 तक किसानों की आय दोगुनी हो और उत्तर प्रदेश पूरी तरह कृषि आत्मनिर्भर राज्य बन जाए।

ये देखें –

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *