उत्तर प्रदेश में गन्ना पेराई सत्र 2025-26 शुरू हो गया है। राज्य की 21 चीनी मिलों ने काम शुरू कर दिया है, जिससे किसानों को गेहूं की बुवाई के लिए खेत खाली करने में राहत मिलेगी। कुल 122 में से 53 मिलों ने गन्ना खरीद के लिए मांग पत्र जारी किया है। सरकार ने मिलों को निर्देश दिए हैं कि किसानों को गन्ने का भुगतान समय पर किया जाए।
उत्तर प्रदेश में इस साल का गन्ना पेराई सत्र 2025-26 शुरू हो गया है। राज्य की 21 चीनी मिलों ने गन्ने की पेराई शुरू कर दी है, जिससे किसानों को अब अपने खेत समय पर खाली कर गेहूं की बुवाई करने में आसानी होगी। सरकार ने साफ निर्देश दिए हैं कि सभी मिलें किसानों का बकाया भुगतान बिना किसी देरी के करें।
122 में से 53 मिलों ने जारी किया मांग पत्र
गन्ना एवं चीनी आयुक्त के अनुसार, राज्य की कुल 122 मिलों में से 53 मिलों ने गन्ना खरीद के लिए मांग पत्र जारी किया है। इनमें से 21 मिलों ने पेराई शुरू कर दी है। 20 निजी क्षेत्र की और 1 सहकारी चीनी मिल। बाकी 32 मिलें भी तैयार हैं और अगले कुछ दिनों में शुरू होंगी।
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समय पर भुगतान का सख्त निर्देश
किसानों को आर्थिक दिक्कत न हो, इसके लिए सरकार ने आदेश दिया है कि मिलें गन्ने का भुगतान बिना देरी के करें। कुछ मिलों ने नए सत्र का भुगतान शुरू भी कर दिया है।
कहां-कहां शुरू हुई मिलें?
- सहारनपुर: 19 में से 5 मिलें चालू
- मेरठ: 16 में से 8 मिलें चालू
- मुरादाबाद: 23 में से 2 मिलें चालू
- लखनऊ: 19 में से 6 मिलें चालू
सरकार का कहना है कि बाकी बची 69 मिलें भी जल्द ही काम शुरू कर देंगी, ताकि गन्ना किसानों को किसी तरह की दिक्कत न हो।
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