उत्तर प्रदेश में विपणन सत्र 2025-26 के तहत धान, बाजरा, ज्वार और मक्का की खरीद में इस बार किसानों की भागीदारी बढ़ी है। अब तक 1.54 लाख किसानों ने धान बिक्री के लिए रजिस्ट्रेशन कराया है, जबकि पिछले वर्ष यह संख्या 1.51 लाख थी। सरकार किसानों को 48 घंटे के भीतर भुगतान कर रही है और अब तक धान के लिए 86.68 करोड़ व बाजरा के लिए 8.43 करोड़ रुपये दिए जा चुके हैं। मक्का की खरीद 25 जिलों में, बाजरा की 33 जिलों में और ज्वार की 10 जिलों में चल रही है। 1 नवंबर से पूर्वी यूपी में धान खरीद शुरू होगी।
लखनऊ: उत्तर प्रदेश के किसानों को लगातार योगी सरकार की सकारात्मक नीतियों का लाभ मिल रहा है। विपणन सत्र 2025-26 में धान बिक्री के लिए 1 सितंबर से रजिस्ट्रेशन शुरू हुआ था और 25 अक्टूबर तक कुल 1,54,035 किसानों ने रजिस्ट्रेशन कराया है। पिछले वर्ष (2024-25) की तुलना में यह संख्या अधिक है, जब इसी अवधि तक 1,51,374 किसानों ने रजिस्ट्रेशन कराया था। वहीं बाजरा के लिए 15,248, ज्वार के लिए 2,706 और मक्का के लिए 1,509 किसानों ने रजिस्ट्रेशन कराया है। यह आंकड़े दर्शाते हैं कि इस साल किसानों की भागीदारी में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है।
7,507 किसानों से खरीदा जा चुका है धान
खाद्य एवं रसद विभाग के अनुसार, इस वर्ष धान की खरीद 2369 रुपये (कॉमन) और 2389 रुपये (ग्रेड-ए) प्रति क्विंटल की दर से की जा रही है। अब तक 7,507 किसानों से 44,127.91 मीट्रिक टन धान खरीदा जा चुका है। पिछले वर्ष इस अवधि तक 4,517 किसानों से 25,329.75 मीट्रिक टन धान की खरीद हुई थी। वहीं बाजरा की खरीद इस वर्ष 4,153.35 मीट्रिक टन तक पहुंच चुकी है, जो पिछले वर्ष के 4,021.39 मीट्रिक टन से अधिक है। इससे साफ है कि राज्य में अनाज खरीद का दायरा लगातार बढ़ रहा है।
48 घंटे के भीतर भुगतान
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर किसानों को 48 घंटे के भीतर भुगतान किया जा रहा है। अब तक धान विक्रेताओं को 86.68 करोड़ रुपये और बाजरा किसानों को 8.43 करोड़ रुपये का भुगतान डीबीटी के माध्यम से किया जा चुका है। पिछले वर्ष इसी अवधि में यह भुगतान क्रमशः 43.91 करोड़ और 7.63 करोड़ रुपये था। तेज़ भुगतान से किसानों में सरकार के प्रति भरोसा और उत्साह दोनों बढ़ा है।
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टोल फ्री नंबर 1800-1800-150 जारी
किसानों की सुविधा के लिए सरकार ने टोल फ्री नंबर 1800-1800-150 जारी किया है, जिस पर किसान अपनी किसी भी समस्या की जानकारी दे सकते हैं। इसके अलावा वे जिला खाद्य विपणन अधिकारी, क्षेत्रीय विपणन अधिकारी या विपणन निरीक्षक से भी संपर्क कर सकते हैं। भुगतान सीधे किसानों के आधार लिंक्ड बैंक खातों में किया जा रहा है। साथ ही पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए क्रय केंद्रों पर ई-पॉप (इलेक्ट्रॉनिक प्वाइंट ऑफ परचेज) डिवाइस के माध्यम से बायोमीट्रिक सत्यापन के जरिए ही खरीद की जा रही है।
25 जिलों में चल रही है मक्का की खरीद
वर्तमान में मक्का की खरीद उत्तर प्रदेश के 25 जिलों में चल रही है, जिनमें बदायूं, बुलंदशहर, हरदोई, उन्नाव, आगरा, अलीगढ़, कन्नौज, कानपुर देहात, बहराइच, गोंडा, बलिया, जौनपुर, मीरजापुर, सोनभद्र, देवरिया और ललितपुर जैसे जिले शामिल हैं। वहीं बाजरा की खरीद 33 जिलों में की जा रही है, जिनमें बदायूं, बुलंदशहर, आगरा, मथुरा, मैनपुरी, अलीगढ़, बरेली, कानपुर देहात, जालौन, हमीरपुर, चित्रकूट, प्रयागराज, फतेहपुर, कौशांबी, मीरजापुर, बलिया और हरदोई प्रमुख हैं। इसके अलावा बांदा, चित्रकूट, हमीरपुर, महोबा, कानपुर देहात, फतेहपुर, उन्नाव, हरदोई, मीरजापुर और जालौन जिलों में ज्वार की खरीद जारी है।
इन जिलों में 1 नवंबर से शुरू होगी धान खरीद
पूर्वी उत्तर प्रदेश के चित्रकूट, कानपुर, अयोध्या, गोरखपुर, देवीपाटन, बस्ती, आजमगढ़, वाराणसी, मीरजापुर और प्रयागराज संभागों में 1 नवंबर से धान खरीद शुरू होगी, जो 28 फरवरी 2026 तक चलेगी। इसके साथ ही लखनऊ, रायबरेली और उन्नाव में भी इसी अवधि में धान खरीद की जाएगी।योगी सरकार की पारदर्शी नीतियों, तेज भुगतान व्यवस्था और किसानों के अनुकूल योजनाओं से यूपी में कृषि क्षेत्र लगातार मजबूत हो रहा है।
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