पिछले 5 सालों में महाराष्ट्र के कपास किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत ₹3,653 करोड़ का मुआवज़ा मिला है।विदर्भ क्षेत्र के किसानों को इससे सबसे ज़्यादा लाभ हुआ है।साल 2024–25 में राज्य ने 92.32 लाख गांठ कपास का रिकॉर्ड उत्पादन किया।वहीं, CCI ने किसानों से 144.55 लाख क्विंटल कपास खरीदकर उन्हें ₹10,714 करोड़ का भुगतान किया।
इससे किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई और कपास उत्पादन में स्थिरता आई।
महाराष्ट्र के कपास किसानों को पिछले पाँच वर्षों में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) के तहत कुल ₹3,653 करोड़ का बीमा मुआवज़ा मिला है। यह योजना किसानों को फसल नुकसान से लेकर कटाई के बाद तक सुरक्षा देती है। राज्य सरकार द्वारा अधिसूचित फसलों और क्षेत्रों में यह योजना लागू है और इसका उद्देश्य किसानों को प्राकृतिक आपदाओं व प्रतिकूल मौसम से होने वाले नुकसान से बचाना है।
विदर्भ के किसानों को सबसे ज़्यादा लाभ
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना ने खासतौर पर विदर्भ क्षेत्र के कपास किसानों के लिए राहत का काम किया है। इस क्षेत्र में मौसम की अनिश्चितता और बार-बार होने वाली बारिश के कारण फसलों को भारी नुकसान झेलना पड़ता है। ऐसे में यह योजना किसानों के लिए आर्थिक सहारा बनकर उभरी है, जिससे वे हर साल होने वाले नुकसान की भरपाई कर पा रहे हैं और खेती को फिर से मजबूत बना रहे हैं।
हर साल बढ़ती बीमा सहायता
कृषि मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, महाराष्ट्र के कपास किसानों को साल 2020 से 2024 के बीच लगातार बढ़ते हुए बीमा क्लेम मिले हैं। वर्ष 2020 में ₹55.26 करोड़, 2021 में ₹441.10 करोड़, 2022 में ₹456.84 करोड़, 2023 में ₹1,941.09 करोड़ और 2024 में ₹758.95 करोड़ का भुगतान किया गया। इन आँकड़ों से साफ है कि बीते वर्षों में किसानों को योजना के तहत अधिक वित्तीय सहायता मिली है, जिससे वे नुकसान के बावजूद खेती जारी रख पा रहे हैं।
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2024–25 में रिकॉर्ड कपास उत्पादन
साल 2024–25 में महाराष्ट्र ने कपास उत्पादन में नया रिकॉर्ड बनाया है। इस साल राज्य में 92.32 लाख गांठ (bales) कपास का उत्पादन हुआ है, जबकि पिछले साल यह 80.45 लाख गांठ था। प्रत्येक गांठ का वजन 170 किलो होता है। यह बढ़ोतरी इस बात का संकेत है कि बीमा सहायता और सरकारी समर्थन ने किसानों को खेती में अधिक निवेश और उत्पादन बढ़ाने के लिए प्रेरित किया है।
CCI ने की बड़ी खरीद, किसानों को मिला मजबूत बाजार
कपास उत्पादकों को बेहतर मूल्य दिलाने के लिए कॉटन कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (CCI) ने महाराष्ट्र में 19 जिलों में कुल 128 खरीद केंद्र स्थापित किए हैं। ये केंद्र औरंगाबाद और अकोला शाखा के अंतर्गत आते हैं, जिनमें जलगांव के 11 और यवतमाल के 15 केंद्र शामिल हैं। CCI ने अब तक किसानों से 144.55 लाख क्विंटल कपास खरीदा है, जिसकी कुल कीमत ₹10,714 करोड़ है। यह खरीद 6.27 लाख लेनदेन के माध्यम से की गई, जिसमें अकेले यवतमाल से 21.39 लाख क्विंटल और जलगांव से 4.79 लाख क्विंटल कपास खरीदा गया। इससे किसानों को बाजार में स्थिरता और उचित मूल्य दोनों मिले हैं।
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