यूपी में मोटे अनाज की सरकारी खरीद 1 अक्टूबर से शुरू, 31 दिसंबर तक चलेगी खरीफ सीजन की खरीद

यूपी

यूपी में खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के तहत श्री अन्न (मक्का, बाजरा, ज्वार) की सरकारी खरीद 1 अक्टूबर से 31 दिसंबर तक होगी। पंजीकरण अनिवार्य है और भुगतान 48 घंटे में किसानों के खाते में जाएगा। सरकार ने एमएसपी तय कर 2.20 लाख टन बाजरा, 50 हजार टन ज्वार और 15 हजार टन मक्का खरीदने का लक्ष्य रखा है।

उत्तर प्रदेश सरकार ने खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के लिए श्री अन्न (मोटे अनाज) की सरकारी खरीद प्रक्रिया 1 अक्टूबर से शुरू करने का ऐलान किया है। यह अभियान 31 दिसंबर तक चलेगा। इस दौरान किसानों से मक्का, बाजरा और ज्वार की खरीद की जाएगी। सरकार ने साफ किया है कि किसानों को उनकी उपज का भुगतान 48 घंटे के भीतर सीधे उनके आधार से जुड़े बैंक खातों में कर दिया जाएगा।

सुबह 9 से शाम 5 बजे तक होगी खरीद
खाद्य एवं रसद विभाग ने स्पष्ट किया है कि खरीद का लाभ उठाने के लिए किसानों को fcs.up.gov.in पोर्टल या UP Kisan Mitra ऐप पर पंजीकरण या नवीनीकरण कराना अनिवार्य है। केवल पंजीकृत किसानों से ही सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक अनाज खरीदा जाएगा। खरीद केंद्रों पर पारदर्शिता बनाए रखने और बिचौलियों को रोकने के लिए ई-पॉप मशीनों से किसानों का बायोमीट्रिक सत्यापन किया जाएगा।

ये भी पढ़ें – खरीफ फसलों की बुवाई का नया आंकड़ा जारी

न्यूनतम समर्थन मूल्य कितना है ?
योगी सरकार ने मोटे अनाजों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) घोषित किया है। ज्वार (मालदांडी) ₹3749 प्रति क्विंटल, ज्वार (हाइब्रिड) ₹3699 प्रति क्विंटल, बाजरा ₹2775 प्रति क्विंटल और मक्का ₹2400 प्रति क्विंटल तय किया गया है। सरकार ने इस साल 2.20 लाख मीट्रिक टन बाजरा, 50 हजार मीट्रिक टन ज्वार और 15 हजार मीट्रिक टन मक्का खरीदने का लक्ष्य रखा है। किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए टोल फ्री नंबर 1800-1800-150 भी जारी किया गया है।

किन जिलों में होगी खरीद
सरकार ने खरीफ सीजन के लिए अलग-अलग फसलों की खरीद के जिलों की भी घोषणा की है।

  • मक्का की खरीद 25 जिलों में होगी, जिनमें बदायूं, बुलंदशहर, हरदोई, उन्नाव, मैनपुरी, आगरा, अलीगढ़, बहराइच, गोंडा और ललितपुर जैसे जिले शामिल हैं।
  • बाजरा की खरीद 33 जिलों में होगी, जिनमें मथुरा, बरेली, शाहजहांपुर, प्रयागराज, फतेहपुर और जौनपुर प्रमुख हैं।
  • ज्वार की खरीद 11 जिलों में होगी, जिनमें बांदा, चित्रकूट, महोबा, हरदोई और मीरजापुर शामिल हैं।

ये देखें –

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *