गन्ना शोध परिषद में मुरादाबाद और लखीमपुर के किसानों को मिली गन्ने की उन्नत खेती की ट्रेनिंग

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शाहजहांपुर (उत्तर प्रदेश)
उत्तर प्रदेश गन्ना शोध परिषद, शाहजहांपुर में गन्ना किसानों को गन्ने के नए किस्मों, कीट रोग प्रबंधन, फर्टिलाइजर का संतुलित इस्तेमाल और कृषि में नय तकनीकों के बारे में ट्रेनिंग दी जा रही है। फरवरी से अब तक प्रदेश के सभी 45 गन्ना उत्पादक जिलों के दस हजार गन्ना किसानों को रोटेशन वाइज गन्ने की खेती में कम लागत में उत्पादन बढ़ाने के लिए ट्रेनिंग दी जा चुकी है।

30 अगस्त के ट्रेनिंग सत्र में मुरादाबाद की ठाकुरद्वारा और लखीमपुरखीरी में पलिया की गन्ना विकास परिषद के 116 किसानों ने ट्रेनिंग में भाग लिया। शाहजहांपुर में स्थित यूपी काउंसिल ऑफ शुगरकेन रिसर्च के प्रसार अधिकारी डॉ. संजीव पाठक ने बताया कि “किसानों को रिसर्च एरिया दिखाकर गन्ने की नयी किस्मों और बुवाई की विधि साथ ही तरह तरह के कृषि यंत्रों के बारे में जानकारी दी गई है।”
उन्होंने बताया कि किसानों को रोगमुक्त एवं कीटमुक्त गन्ना की नयी किस्में जो विकसित की गयी है जैसे को.शा. 13235, को.शा. 17231, को.शा. 18231, को. लख.14201, 15023, 16202 आदि की पहचान कराया गया और इनकी विशेषताओं के बारे में बताया गया है।”

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फोटो क्रेडिट: उत्तर प्रदेश गन्ना शोध परिषद, शाहजहांपुर

गन्ना भारत की मुख्य नगदी फसलों में एक है। देश में करीब 5 करोड़ किसान परिवारों की आजीविका गन्ने पर निर्भर है। उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा गन्ना पैदा किया जाता है। प्रदेश में करीब 27 लाख हेक्टेयर में गन्ने की खेती होती है। पिछले सीजन में प्रदेश में 121 चीनी मिलों ने पेराई की थी। गन्ने की खेती में मुनाफे के लिए जरुरी है कि तकनीकी ज्ञान और सही किस्मों का चुनाव किया जाए।
किसानों की जागरुकता के लिए चीनी उद्योग एवं गन्ना विकास विभाग द्वारा उत्तर प्रदेश के गन्ना किसानों को गन्ना खेती की उत्तम तकनीकी अपनाकर कम लागत में अधिक उत्पादन, उत्पादकता एवं आमदनी बढ़ाने के लिए प्रेरित कर रहा है।

गन्ने में लगते हैं ये रोग
ट्रेनिंग में किसानों को गन्ने के लाल सड़न रोग, उकठा रोग, पोक्का बोइंग रोग, चोटी बेधक एवं जड़ बेधक आदि कीटों की पहचान और कीटों के रोकथाम के बारे में भी विस्तृत जानकारी दी गयी।
इसके साथ ही बीज गन्ना उपचार, ट्राइकोडर्मा का प्रयोग, ट्रेंच विधि से गन्ना बुवाई, गन्ने के ऊपरी भाग की बुवाई तथा शरदकालीन गन्ने के साथ अंतः फसल की बुवाई पर वैज्ञानिकों द्वारा विशेष ज़ोर दिया गया।

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फोटो क्रेडिट: उत्तर प्रदेश गन्ना शोध परिषद, शाहजहांपुर

प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन डॉ एस.पी. सिंह ने किया तथा वैज्ञानिक व्याख्यान डॉ. अरविंद कुमार, डॉ. सुजीत प्रताप सिंह, डॉ. जी. एन. गुप्त और अनिल सिंह ने दिया।

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गन्ने की खेती का ये वीडियो देखें –

One thought on “गन्ना शोध परिषद में मुरादाबाद और लखीमपुर के किसानों को मिली गन्ने की उन्नत खेती की ट्रेनिंग

  1. जानकारी थोड़ा पहले मिल जाए जाएदा उचित होगा क्योकि कोई भी किसान अगर भाग लेना चाहता है तो जानकारी मिल सके !

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