खेती का PQNK मॉडल, कम पानी में दोगुना उत्पादन का फार्मूला

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इस समय देशभर में खरीफ फसलों की बुआई चल रही है। और खरीफ फसलों में धान की खेती क‍िसान सबसे ज्‍यादा करते हैं। पूरे विश्व में धान की लगभग 10,000 किस्में हैं ज‍िनमें से ज्‍यादातर की खेती भारत में होती है। धान की खेती के ल‍िए क‍िसान अलग-अलग व‍िध‍ियों का प्रयोग करते हैं। आज हम ऐक ऐसे ही तरीके के बारे में जानने वाले हैं जिसमें धान की सीधी बिजाई बेड विधि से करने में पानी की खपत कम होती है और तो और खर पतवार भी कम उगते हैं। इस विधि से खेती करने में न सिर्फ लागत कम लगती है बल्कि उत्पादन भी ज़्यादा होता है।

सीतापुर, उत्तर प्रदेश के खैराबाद कस्बे में रहने वाले किसान फहद अहमद फ़ारुकी पेशे से एक फैशन डिजाइनर रह चुके हैं। 20 साल डिज़ाइनिंग के क्षेत्र में काम करने के बाद जब वो वापिस खैराबाद आए तो उन्होंने खेती का रुख किया। फहद एक आधुनिक किसान हैं। खेती करने के लिए कई तरह की तकनीकों का सहारा लेते हैं और खेती के उनके तरीके एकदम अलग हैं। पारंपरिक खेती को छोड़कर आधुनिकता की तरफ जाते हुए उन्होंने बेड विधि से खेती करना शुरू किया। आज वो अपनी सारी फसलें बेड पर करते हैं। उनका कहना है की खेती में वे PQNK मॉडल पर काम कर रहे हैं जिसका मूल सिद्धांत जंगली खेती से जुड़ा है।

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आइए विस्तार से जानते हैं उनकी खेती का तरीका और खेती का PQNK मॉडल भी।

क्या है खेती का PQNK मॉडल ?

PQNK मॉडल ( Paedare Qudratti nizame KashatQari ) इसका सीधा मतलब है Sustainable natural farming system से है।

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इस मॉडल में फसलों को खेत को जोते बिना समतल खेत में उभरी हुई क्यारियों यानि बेड पर उगाया जाता है। इस विधि से खेती करने में मिट्टी का संरक्षण सही होता है! पानी कम लगता है और कार्बन पृथक्करण में मदद मिलती है।

बेड विधि से खेती और उसके फायदे

बेड पर खेती यानी समतल खेत में बिना जुताई किए उभरी हुई क्यारियां बनाकर खेती करना। इसके कई फायदे हैं। सबसे पहले बेड विधि से खेती करने में मिट्टी की गुणवत्ता में सुधार ला सकते हैं। जल निकासी बेहतर होती है। खर पतवार नियंत्रण में ये विधि काफी मददगार है। फहद बताते हैं की धान की खेती बेड विधि और DSR विधि से करने में बहुत फायदे हैं। पहला पानी की बचत होती है। पारंपरिक तरीके में जो धान हम नर्सरी विधि से लगाते थे, उसमें पानी भी बहुत लगता है और पैदावार भी उतनी नहीं होती। जितनी पैदावार हम DSR विधि से खेती करके ले सकते है।

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वे आगे बताते हैं कि उनके पास खेती के आधुनिक उपकरण हैं। बेड बनाने की मशीन है जिससे बीज की बीजाई और बेड दोनों ही बहुत नाप जोख के साथ होती है। फहद ने एक ड्रोन भी ले रखा है जिससे वो समय-समय पर अपने खेतों को Observe करते रहते हैं! इससे उन्हें अपने खेतों के हर हिस्से का पता रहता है।

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