केंद्र सरकार ने तंबाकू किसानों और उद्योग को राहत देते हुए कच्चे तंबाकू पर लगाया गया 18% उत्पाद शुल्क वापस ले लिया है। यह फैसला बजट 2026-27 के दिन जारी गजट अधिसूचना के जरिए किया गया। बिना ब्रांड नाम और खुदरा बिक्री के लिए पैक न किए गए कच्चे तंबाकू पर अब कोई शुल्क नहीं लगेगा, जबकि सिगरेट पर लगने वाले उत्पाद शुल्क में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने तंबाकू किसानों और तंबाकू उद्योग को बड़ी राहत देते हुए कच्चे (अनमैन्युफैक्चर्ड) तंबाकू पर लगाया गया 18 प्रतिशत उत्पाद शुल्क वापस ले लिया है। यह फैसला वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा केंद्रीय बजट 2026-27 पेश किए जाने वाले दिन, 1 फरवरी को जारी गजट अधिसूचना के जरिए किया गया।
सरकार ने 31 दिसंबर 2025 को कच्चे तंबाकू पर उत्पाद शुल्क लगाने की अधिसूचना जारी की थी, जिसे अब रद्द कर दिया गया है। नई अधिसूचना के मुताबिक बिना ब्रांड नाम वाले और खुदरा बिक्री के लिए पैक न किए गए कच्चे तंबाकू और तंबाकू के अवशेष पर अब कोई उत्पाद शुल्क नहीं लगेगा।
बजट से पहले सरकार से की गई थी अपील
बजट से कुछ दिन पहले तंबाकू बोर्ड के चेयरमैन यशवंत चिड़ीपोथु और बीजेपी सांसद डी. पुरंदेश्वरी के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने वित्त मंत्री से मुलाकात की थी। प्रतिनिधिमंडल ने तंबाकू किसानों पर बढ़ते टैक्स बोझ को कम करने की मांग की थी।
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किसानों को था भारी नुकसान का डर
किसानों का कहना था कि अगर 1 फरवरी 2026 तक सरकार ने कोई फैसला नहीं लिया होता, तो यह अतिरिक्त टैक्स लागू हो जाता, जिससे उन पर भारी आर्थिक बोझ पड़ता।एक किसान ने कहा कि इससे सिगरेट की कीमतें बढ़ सकती थीं, और उपभोक्ता अवैध सिगरेट की ओर रुख कर सकते थे, जिससे वैध उद्योग और किसानों दोनों को नुकसान होता।
हालांकि सरकार ने साफ किया है कि सिगरेट पर स्टिक की लंबाई के आधार पर लगने वाले उत्पाद शुल्क में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
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