Budget 2026-27: क्या Bharat-VISTAAR बनेगा किसानों के लिए गेम-चेंजर?

Budget 2026-27

केंद्र सरकार किसानों के लिए Bharat-VISTAAR नाम का एक AI आधारित बहुभाषी डिजिटल प्लेटफॉर्म शुरू करने जा रही है। यह टूल AgriStack और ICAR की कृषि जानकारी को एक जगह जोड़कर किसानों को सही समय पर खेती से जुड़ी सलाह देगा। इसका मकसद खेती की उत्पादकता बढ़ाना, जोखिम कम करना और खासकर छोटे व किरायेदार किसानों की मदद करना है।

नई दिल्ली: खेती में तकनीक के इस्तेमाल को लेकर देश में कई सरकारी और निजी संस्थाएं काम कर रही हैं। कहीं मिट्टी की जांच पर फोकस है, तो कहीं बीज, फसल किस्मों और लॉजिस्टिक्स पर। लेकिन ये सभी प्रयास अलग-अलग होने की वजह से ज़्यादातर किसानों तक पूरी तरह नहीं पहुंच पा रहे हैं। इसी समस्या को दूर करने के लिए केंद्र सरकार Bharat-VISTAAR नाम का एक नया AI आधारित टूल लाने जा रही है।

क्या है Bharat-VISTAAR?
Bharat-VISTAAR (Virtually Integrated System to Access Agricultural Resources) एक मल्टी-लैंग्वेज AI प्लेटफॉर्म होगा, जो किसानों को उनकी ज़रूरत के मुताबिक खेती से जुड़ी जानकारी देगा। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने केंद्रीय बजट 2026-27 पेश करते हुए कहा कि इस प्लेटफॉर्म के जरिए AgriStack पोर्टल और ICAR की कृषि पद्धतियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जोड़ा जाएगा।

किसानों को क्या फ़ायदा होगा?
वित्त मंत्री के अनुसार Bharat-VISTAAR टूल से किसानों को कई तरह के सीधे फायदे मिलेंगे। यह प्लेटफॉर्म किसानों को सही समय पर सही खेती की सलाह उपलब्ध कराएगा, जिससे वे फसल बुवाई, खाद-पानी और कीटनाशक के इस्तेमाल जैसे फैसले बेहतर तरीके से ले सकेंगे। इससे खेती से जुड़े निर्णय आसान होंगे और फसल नुकसान का जोखिम कम होगा। साथ ही, आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक जानकारी के उपयोग से खेती की उत्पादकता बढ़ाने में भी यह टूल अहम भूमिका निभाएगा।

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खेती में बड़ा बदलाव संभव
एग्रीटेक सेक्टर से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह का एक साझा डिजिटल प्लेटफॉर्म किसानों के लिए गेम-चेंजर साबित हो सकता है। कुछ लोगों का कहना है कि खेती में तकनीक से सुधार तो हुआ है, लेकिन अब भी कई चुनौतियां बनी हुई हैं।वहीं कुछ ने कहा कि अगर देश में एक एकीकृत डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर बनता है, तो इससे किसानों को संगठित तरीके से कर्ज, सही मात्रा में खाद-बीज और बेहतर इनपुट मिल पाएंगे, जिससे खेत के स्तर पर सीधा फायदा होगा।

चुनौतियां भी कम नहीं
ऐसा माना जा रहा है कि Bharat-VISTAAR जैसे टूल से छोटे, सीमांत और किरायेदार किसानों को हर मौसम में आने वाली समस्याओं से निपटने में मदद मिलेगी।हालांकि इस योजना की सफलता के लिए डेटा की गुणवत्ता, अलग-अलग राज्यों की भागीदारी और मजबूत नियम और निगरानी व्यवस्था बहुत जरूरी होगी। सही मानक और पारदर्शी व्यवस्था के बिना इसका पूरा फायदा किसानों तक नहीं पहुंच पाएगा।

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