केंद्रीय बजट 2026-27 में सरकार ने पीएम-किसान सम्मान निधि योजना की राशि में कोई बढ़ोतरी नहीं की है। योजना का बजट 2025-26 की तरह ही ₹63,500 करोड़ रखा गया है, जिससे किसानों को आगे भी सालाना ₹6,000 की ही सहायता मिलेगी। बजट से पहले किसानों को राशि बढ़ने की उम्मीद थी, लेकिन सरकार ने इस पर कोई ऐलान नहीं किया।
नई दिल्ली: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज संसद में केंद्रीय बजट 2026-27 पेश किया। इस बजट में सरकार ने कृषि, पशुपालन और ग्रामीण विकास से जुड़ी कई योजनाओं का ज़िक्र किया, लेकिन करोड़ों किसानों को जिस फैसले का इंतज़ार था, उस पर कोई राहत नहीं मिली। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-Kisan) योजना की राशि इस बार भी नहीं बढ़ाई गई है।
सरकार ने साफ कर दिया है कि पीएम-किसान योजना का बजट 2026-27 में भी ₹63,500 करोड़ ही रहेगा, जो 2025-26 के बराबर है। इसका मतलब यह है कि किसानों को आगे भी सालाना ₹6,000 की ही आर्थिक सहायता मिलती रहेगी।
पीएम-किसान योजना क्या है?
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना केंद्र सरकार की एक प्रमुख किसान कल्याण योजना है, जिसके तहत पात्र किसान परिवारों को हर साल ₹6,000 की आर्थिक सहायता दी जाती है। यह राशि तीन बराबर किस्तों में (₹2,000 प्रति किस्त) सीधे किसानों के बैंक खाते में DBT के माध्यम से भेजी जाती है।
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कब शुरू हुई थी योजना?
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की शुरुआत 24 फरवरी 2019 को की गई थी। इस योजना का लाभ देश के छोटे और सीमांत किसानों को दिया जाता है। मतलब इस योजना का लाभ सिर्फ उन्हीं किसानों को मिलता है, जिनके पास खेती के लिए जमीन है। जबकि, सरकारी नौकरी करने वाले किसान, 10 हजार रुपये से अधिक की पेंशन प्राप्त करने वाले किसान, इनकम टैक्स देने वाले किसान, किराए की जमीन पर खेती कर रहे किसान आदि इस योजना के लिए पात्र नहीं माने जाते। इसका मुख्य उद्देश्य किसानों की आय को सहारा देना और खेती से जुड़ी दैनिक ज़रूरतों को पूरा करने में मदद करना है।
योजना से जुड़े अहम तथ्य
इस योजना के तहत दी जाने वाली सहायता राशि पूरी तरह केंद्र सरकार द्वारा वित्तपोषित होती है और पैसा सीधे आधार से जुड़े बैंक खातों में ट्रांसफर किया जाता है। योजना का लाभ लेने के लिए भूमि रिकॉर्ड का सत्यापन अनिवार्य है। हर साल देश भर में करोड़ों किसान इस योजना के तहत आर्थिक सहायता प्राप्त कर रहे हैं।
किसानों को थी राशि बढ़ने की उम्मीद
इस बार बजट से पहले किसानों और किसान संगठनों को उम्मीद थी कि बढ़ती महंगाई और खेती की लागत को देखते हुए सरकार पीएम-किसान की सालाना राशि ₹6,000 से बढ़ाकर ₹8,000 या ₹10,000 कर सकती है। लेकिन बजट में ऐसा कोई ऐलान नहीं किया गया।हालांकि सरकार ने बजट में AI आधारित एग्री टूल, मत्स्य पालन, पशुपालन और उच्च मूल्य वाली फसलों पर फोकस बढ़ाया है, लेकिन सीधे नकद समर्थन में कोई बढ़ोतरी न होना किसानों के लिए निराशाजनक माना जा रहा है।
केंद्रीय बजट 2026-27 में कृषि क्षेत्र के लिए कई नई पहलें सामने आईं, लेकिन पीएम-किसान योजना की राशि में कोई बदलाव नहीं किया गया। ऐसे में किसानों को फिलहाल सालाना ₹6,000 पर ही संतोष करना होगा।
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