बजट 2026-27 में पशुपालकों के लिए खास प्रावधान किए गए हैं। पशु-चिकित्सा सेवाओं को मजबूत करने, पशु-चिकित्सा पेशेवरों की संख्या बढ़ाने और निजी क्षेत्र को सब्सिडी के जरिए प्रोत्साहन देने पर जोर दिया गया है। इसके साथ ही 1.5 लाख देखभाल सेवा प्रदाताओं को प्रशिक्षण देने का ऐलान किया गया है, जिससे पशुपालन और ग्रामीण रोजगार को मजबूती मिलेगी।
नई दिल्ली। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किए जा रहे बजट 2026-27 में पशुपालकों और पशुपालन क्षेत्र के लिए कई अहम घोषणाएं की गई हैं। सरकार ने इस बजट में पशु-चिकित्सा सेवाओं को मजबूत करने और पशुपालकों को बेहतर सुविधाएं देने पर विशेष जोर दिया है।
पशु चिकित्सकों की संख्या बढ़ाने पर जोर
बजट में पशु-चिकित्सा पेशेवरों की संख्या बढ़ाने को प्राथमिकता दी गई है, ताकि गांव और कस्बों तक समय पर पशु-स्वास्थ्य सेवाएं पहुंच सकें। इसके साथ ही निजी क्षेत्र में पशु-चिकित्सा को बढ़ावा देने के लिए सब्सिडी देने का प्रावधान किया गया है, जिससे इस क्षेत्र में निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा हों।
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1.5 लाख देखभाल सेवा प्रदाताओं को प्रशिक्षित करने की बात
वित्त मंत्री ने यह भी बताया कि देशभर में 1.5 लाख देखभाल सेवा प्रदाताओं को प्रशिक्षित किया जाएगा। इससे न सिर्फ पशुओं के इलाज और देखभाल में सुधार होगा, बल्कि पशुपालन से जुड़े लोगों की आय और आजीविका भी मजबूत होगी।
सरकार का मानना है कि इन कदमों से पशुपालन क्षेत्र को नई दिशा मिलेगी, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और पशुपालकों की समस्याओं का समाधान तेजी से हो सकेगा।
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