केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि आर्थिक सर्वेक्षण देश की कृषि और ग्रामीण भारत की मजबूती को दिखाता है। बीते पाँच सालों में खेती की विकास दर 4.4 प्रतिशत रही है और 2024-25 में खाद्यान्न उत्पादन रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा है। बागवानी क्षेत्र में भी तेज़ बढ़ोतरी हुई है। गांवों में सड़क, आवास, डिजिटल सुविधा और महिला सशक्तिकरण के जरिए ग्रामीण भारत में बड़ा और सकारात्मक बदलाव देखने को मिला है।
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि आर्थिक सर्वेक्षण देश की खेती और ग्रामीण भारत की मजबूती को साफ तौर पर दिखाता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बीते कुछ सालों में कृषि और गांवों के विकास में बड़ी प्रगति हुई है।
कृषि की औसत विकास दर 4.4 प्रतिशत
उन्होंने बताया कि पिछले पाँच सालों में कृषि और इससे जुड़े क्षेत्रों की औसत विकास दर 4.4 प्रतिशत रही है, जो दुनिया के औसत से बेहतर है। साल 2016 से 2025 के बीच खेती की विकास दर भी पिछले दशकों के मुकाबले सबसे ज्यादा रही है। साल 2025-26 की दूसरी तिमाही में भी खेती ने 3.5 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की है, जिससे इस क्षेत्र की मजबूती साफ नजर आती है।
रिकॉर्ड 357.73 मिलियन टन खाद्यान्न उत्पादन
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि साल 2024-25 में देश का खाद्यान्न उत्पादन रिकॉर्ड 357.73 मिलियन टन तक पहुंच गया है। इसमें चावल, गेहूं, मक्का और मोटे अनाज की अच्छी पैदावार का बड़ा योगदान रहा है। उन्होंने कहा कि भारत अब न सिर्फ अनाज के मामले में आत्मनिर्भर है, बल्कि कई फसलों में दुनिया के बड़े देशों में शामिल हो चुका है।
बागवानी की हिस्सेदारी करीब 33 प्रतिशत
उन्होंने बताया कि बागवानी खेती आज कृषि विकास की सबसे मजबूत कड़ी बन चुकी है। खेती के कुल मूल्य में बागवानी की हिस्सेदारी करीब 33 प्रतिशत है। बागवानी उत्पादन 2013-14 में जहां 280 मिलियन टन था, वहीं 2024-25 में बढ़कर 367.72 मिलियन टन हो गया है। इसमें फल, सब्जियां और दूसरी बागवानी फसलें शामिल हैं।
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भारत बना दुनिया का सबसे बड़ा प्याज उत्पादक देश
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत आज दुनिया का सबसे बड़ा प्याज उत्पादक देश बन चुका है और वैश्विक उत्पादन में करीब 25 प्रतिशत हिस्सा भारत का है। फल, सब्जी और आलू के उत्पादन में भी भारत दुनिया में दूसरे नंबर पर है।
4.14 करोड़ घरों का लक्ष्य
ग्रामीण विकास पर बात करते हुए शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि गांवों में सड़क, घर, पानी और डिजिटल सुविधाओं का तेजी से विस्तार हुआ है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत लगभग सभी गांवों को पक्की सड़कों से जोड़ दिया गया है। इसके अलावा हजारों किलोमीटर नई सड़कें और पुल बनाए गए हैं, जिससे दूर-दराज के गांवों तक पहुंच आसान हुई है।उन्होंने बताया कि ‘सभी के लिए आवास’ योजना के तहत पिछले 11 सालों में 3.70 करोड़ पक्के घर बनाए जा चुके हैं। वहीं, प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत 4.14 करोड़ घरों का लक्ष्य रखा गया है।
2.5 करोड़ से ज्यादा महिलाएं लखपति दीदी’ योजना से जुड़ीं
डिजिटल सुविधाओं पर बात करते हुए मंत्री ने कहा कि स्वामित्व योजना के तहत लाखों गांवों का ड्रोन से सर्वे किया गया है और करोड़ों लोगों को संपत्ति कार्ड दिए जा चुके हैं। साथ ही गांवों के लगभग सभी जमीन रिकॉर्ड अब डिजिटल हो चुके हैं।उन्होंने बताया कि आजीविका मिशन के तहत 10 करोड़ से ज्यादा ग्रामीण महिलाएं स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी हैं। ‘लखपति दीदी’ योजना के तहत 2.5 करोड़ से ज्यादा महिलाएं अच्छी कमाई कर रही हैं, जो गांवों में आर्थिक बदलाव की बड़ी मिसाल है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि आर्थिक सर्वेक्षण साफ दिखाता है कि देश की खेती और गांव दोनों मजबूत हो रहे हैं और आने वाले समय में यह रफ्तार और तेज होगी।
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