एफसीवी तंबाकू किसानों ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से मुलाकात कर कानूनी सिगरेट पर टैक्स कम करने की मांग की। किसानों का कहना है कि टैक्स बढ़ने से खपत घटेगी, दाम गिरेंगे और नीलामी प्रणाली प्रभावित होगी, जिससे किसानों को नुकसान होगा। वित्त मंत्री ने किसानों की चिंताओं पर विचार करने और रेवेन्यू न्यूट्रल रुख अपनाने का आश्वासन दिया है।
एफसीवी (फ्ल्यू क्योरड वर्जीनिया) तंबाकू किसानों के एक प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से मुलाकात कर कानूनी सिगरेट पर लगाए गए टैक्स को कम करने की मांग की है। किसानों ने कहा कि हाल ही में बढ़ाए गए टैक्स से तंबाकू किसानों की आजीविका और पूरे नियंत्रित तंबाकू तंत्र पर बुरा असर पड़ सकता है।
तंबाकू किसानों की चिंता
किसानों के अनुसार, टैक्स बढ़ने से देश में सिगरेट की खपत घट सकती है, जिससे तंबाकू के दाम गिरेंगे, माल बिकेगा नहीं और व्यापारियों की खरीद में रुचि कम हो जाएगी। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि ज्यादा टैक्स से अवैध और तस्करी वाले उत्पादों को बढ़ावा मिलता है। किसानों ने दक्षिण अफ्रीका का उदाहरण दिया, जहां टैक्स बढ़ने के बाद अवैध कारोबार इतना बढ़ा कि बाजार का लगभग 75 प्रतिशत हिस्सा उसी के कब्जे में चला गया और कानूनी फैक्ट्रियां बंद हो गईं।
इन राज्यों में तंबाकू की सबसे ज़्यादा खेती
किसानों ने वित्त मंत्री को बताया कि कर्नाटक में तंबाकू की नीलामी कीमतें पहले ही करीब 10 प्रतिशत गिर चुकी हैं। इसके अलावा, 1 फरवरी से बिना तैयार किए गए तंबाकू पर 18 प्रतिशत टैक्स लगने के कारण व्यापारी नीलामी में हिस्सा नहीं ले सकते हैं।प्रतिनिधिमंडल में आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और कर्नाटक के किसान प्रतिनिधि शामिल थे, क्योंकि इन्हीं राज्यों में एफसीवी तंबाकू की खेती होती है। इस बैठक में तंबाकू बोर्ड के चेयरमैन यशवंत कुमार चिदिपोथु और आंध्र प्रदेश की सांसद डग्गुबाती पुरंदेश्वरी भी मौजूद थीं।
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क्या होता है FCV (Flue Cured Virginia) तंबाकू?
FCV (Flue Cured Virginia) तंबाकू एक विशेष किस्म का तंबाकू है, जिसे नियंत्रित गर्म हवा से सुखाया जाता है, जिससे इसकी पत्तियां सुनहरी हो जाती हैं। इसका इस्तेमाल मुख्य रूप से सिगरेट बनाने में होता है। भारत में इसकी खेती आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और कर्नाटक में होती है और इसका उत्पादन व बिक्री तंबाकू बोर्ड के नियंत्रण में नीलामी प्रणाली के जरिए की जाती है।
किसानों को होगा भारी नुकसान
किसानों ने चेतावनी दी कि अगर खरीदारों की संख्या और घटी, तो नीलामी व्यवस्था प्रभावित होगी, तंबाकू बिकेगा नहीं और किसानों को भारी नुकसान झेलना पड़ेगा। तंबाकू बोर्ड के चेयरमैन ने भी कहा कि खरीदार कम होने से प्रतिस्पर्धा घटेगी, दाम और गिरेंगे और बिना बिके माल की मात्रा बढ़ेगी, जिसका सीधा असर किसानों और पूरे तंबाकू कारोबार पर पड़ेगा।
वित्त मंत्री का आश्वासन
वहीं, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने किसानों की बात ध्यान से सुनी और उन्हें भरोसा दिलाया कि सरकार उनकी चिंताओं पर विचार करेगी। उन्होंने कहा कि सरकार का रुख राजस्व-तटस्थ (रेवेन्यू न्यूट्रल) रहेगा और सरकार तंबाकू सेक्टर से अतिरिक्त कमाई नहीं करना चाहती, बल्कि किसानों, व्यापार और पूरे नियंत्रित तंत्र के असर को ध्यान में रखकर फैसला लेगी।
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