ज्यादा रकबा और बेहतर मौसम से 120 मिलियन टन तक गेहूँ उत्पादन की उम्मीद

गेहूँ उत्पादन

देश में इस साल गेहूं की फसल अच्छी हालत में है और ज्यादा रकबे में बुवाई होने से उत्पादन पिछले साल के 117.94 मिलियन टन के रिकॉर्ड को पार कर सकता है। समय पर बुवाई और अनुकूल मौसम के चलते गेहूं का उत्पादन 120 मिलियन टन तक पहुंचने की उम्मीद जताई जा रही है।

देश में इस बार गेहूं की पैदावार पिछले साल का रिकॉर्ड तोड़ सकती है। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि ज्यादा रकबे में बुवाई और अनुकूल मौसम की वजह से गेहूं का उत्पादन पिछले साल के 117.94 मिलियन टन से भी अधिक होने की उम्मीद है।

पिछले साल से बेहतर उत्पादन संभव
कृषि मंत्री ने कहा कि फिलहाल गेहूं की फसल की हालत अच्छी है और कहीं से नुकसान की कोई खबर नहीं है। कुल मिलाकर इस साल उत्पादन पिछले साल से बेहतर रहने की संभावना है।

32 मिलियन हेक्टेयर से ज्यादा क्षेत्र में बुवाई
आईसीएआर (भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद) के महानिदेशक एम. एल. जाट ने भी बताया कि गेहूं की बुवाई 32 मिलियन हेक्टेयर से ज्यादा क्षेत्र में हो चुकी है और फसल की स्थिति मजबूत बनी हुई है। अगर हालात ऐसे ही रहे तो उत्पादन 120 मिलियन टन तक पहुंच सकता है। उन्होंने इसकी वजह समय पर और जल्दी बुवाई को बताया।

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73 प्रतिशत से ज्यादा क्षेत्र में जलवायु अनुकूल किस्में
कृषि मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, 2025–26 रबी सीजन में 2 जनवरी तक गेहूं की बुवाई रिकॉर्ड 33.41 मिलियन हेक्टेयर क्षेत्र में हो चुकी है, जबकि पिछले साल यह आंकड़ा 32.80 मिलियन हेक्टेयर था।इस बार बोए गए गेहूं के 73 प्रतिशत से ज्यादा क्षेत्र में जलवायु के अनुकूल और पोषक तत्वों से भरपूर उन्नत किस्मों के बीज इस्तेमाल किए गए हैं, जो मौसम के उतार-चढ़ाव को बेहतर तरीके से सहन कर सकते हैं।

आपको बता दें कि गेहूं रबी सीजन की मुख्य फसल है। इसकी बुवाई पूरी हो चुकी है और मार्च से कटाई शुरू होगी। भारत, चीन के बाद दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा गेहूं उत्पादक देश है।

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