देश में रबी फसलों की बुआई लगभग पूरी हो चुकी है। 9 जनवरी तक रबी फसलों का कुल रकबा 644.29 लाख हेक्टेयर पहुंच गया है, जो पिछले साल से 2.8% अधिक है। गेहूं की बुआई पूरी हो चुकी है और मौसम अनुकूल होने से अच्छी पैदावार की उम्मीद है। दालों, तिलहनों, सरसों, मक्का और जौ के रकबे में बढ़ोतरी हुई है, जबकि रबी ज्वार के रकबे में कमी दर्ज की गई है।
देश में रबी फसलों की बुआई लगभग पूरी हो चुकी है। सरकार के मुताबिक, 9 जनवरी तक रबी फसलों का कुल रकबा 644.29 लाख हेक्टेयर पहुंच गया है। यह पिछले साल के 626.64 लाख हेक्टेयर से 2.8% ज्यादा है। पिछले एक हफ्ते में करीब 10 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में और बुआई हुई है। यह रकबा सर्दियों के औसत रकबे (637.81 लाख हेक्टेयर) से भी अधिक है।
गेहूं की स्थिति
गेहूं की बुआई अब पूरी मानी जा रही है। पिछले हफ्ते इसमें कोई बढ़ोतरी नहीं हुई और गेहूं का रकबा 334.17 लाख हेक्टेयर पर स्थिर है।पिछले साल गेहूं का रकबा रिकॉर्ड 328.04 लाख हेक्टेयर था, जिससे 117.94 मिलियन टन का रिकॉर्ड उत्पादन हुआ था।
रबी सीजन का उत्पादन लक्ष्य
सरकार ने इस रबी सीजन में कुल 171.14 मिलियन टन खाद्यान्न उत्पादन का लक्ष्य रखा है। इसमें गेहूं: 119 मिलियन टन, चावल: 15.86 मिलियन टन, दालें: 16.57 मिलियन टन, मोटे अनाज (न्यूट्री-सीरियल): 3.17 मिलियन टन, मक्का: 14.5 मिलियन टन, जौ: 2.05 मिलियन टन और तिलहन: 15.07 मिलियन टन (जिसमें सरसों 13.9 मिलियन टन) शामिल हैं।
मौसम और खाद से राहत
करनाल स्थित भारतीय गेहूं एवं जौ अनुसंधान संस्थान (IIWBR) के अनुसार, मौसम अनुकूल है, जिससे गेहूं की बढ़वार और कल्ले निकलने की प्रक्रिया अच्छी चल रही है। पूर्व कृषि आयुक्त जे.एस. संधू के मुताबिक, गेहूं में पहली सिंचाई और पहली यूरिया की खुराक दिसंबर में दी जा चुकी है। अब दूसरी सिंचाई और दूसरी खुराक की यूरिया बेहद जरूरी है। यूरिया की उपलब्धता अच्छी खबर है और इससे अच्छी पैदावार की उम्मीद है।
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दालों और तिलहनों की स्थिति
दालों का रकबा बढ़कर 136.36 लाख हेक्टेयर हो गया है (2.8% बढ़ोतरी), जिसमें चना: 95.88 लाख हेक्टेयर (5.1% ज्यादा), मसूर: 18.12 लाख हेक्टेयर है। वहीं तिलहनों का कुल रकबा: 96.86 लाख हेक्टेयर (3.8% बढ़ोतरी), जिसमें सरसों: 89.36 लाख हेक्टेयर, जो पिछले साल से 3.2% ज्यादा है।इसके अलावा रबी धान: 21.71 लाख हेक्टेयर (11.4% ज्यादा), मक्का: 25.24 लाख हेक्टेयर (7.4% ज्यादा) और जौ: 7.36 लाख हेक्टेयर, जो पिछले साल से 21.1% ज्यादा है और सामान्य रकबे से भी अधिक है।
ज्वार में गिरावट
सर्दियों की ज्वार की फसल का रकबा घटकर 21.36 लाख हेक्टेयर रह गया है, जो पिछले साल से 5.7% कम है।
हालांकि, कुल मोटे अनाज (न्यूट्री/कोर्स सीरियल) का रकबा बढ़कर 55.20 लाख हेक्टेयर हो गया है।
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