मक्का की कीमतों में गिरावट से परेशान किसानों को राहत देने के लिए कर्नाटक सरकार ने 2025-26 खरीफ सीजन में मार्केट इंटरवेंशन स्कीम (MIS) लागू की है। इसके तहत मक्का के लिए 2,150 रुपये प्रति क्विंटल की तय कीमत रखी गई है और कम दाम पर बेचने वाले किसानों को 250 रुपये प्रति क्विंटल तक मुआवजा मिलेगा। भुगतान सीधे किसानों के बैंक खाते में किया जाएगा।
मक्का की कीमतों में भारी गिरावट से परेशान किसानों को राहत देते हुए कर्नाटक सरकार ने 2025-26 खरीफ सीजन के लिए मार्केट इंटरवेंशन स्कीम (MIS) को मंजूरी दी है। इस योजना के तहत सरकार मक्का के लिए 2,150 रुपये प्रति क्विंटल तक की तय कीमत (मार्केट इंटरवेंशन प्राइस) देगी। अगर बाजार में किसानों को इससे कम दाम मिलते हैं, तो सरकार मुआवजा देगी।
रिकॉर्ड उत्पादन से गिरी कीमतें
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, 2025-26 में राज्य में 17.64 लाख हेक्टेयर से ज्यादा क्षेत्र में मक्का बोया गया, जिससे 53.80 लाख टन उत्पादन होने की उम्मीद है। इतनी बड़ी पैदावार के कारण बाजार में मक्का ज्यादा आया और कीमतें गिरकर 1,600 से 2,000 रुपये प्रति क्विंटल के बीच रह गईं। इससे किसानों को कम दाम पर फसल बेचनी पड़ी।
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कितना मिलेगा मुआवजा
MIS के तहत अगर कोई किसान मक्का 1,900 रुपये या उससे कम कीमत पर बेचता है, तो उसे 250 रुपये प्रति क्विंटल तक का मुआवजा मिलेगा। जैसे-जैसे बाजार कीमत बढ़ेगी, मुआवजा कम होता जाएगा।अगर मक्का का भाव 2,150 रुपये प्रति क्विंटल या उससे ऊपर चला गया, तो इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा।
कितनी मात्रा तक मिलेगा लाभ
रिपोर्ट के मुताबिक एक किसान को अधिकतम 50 क्विंटल तक मुआवजा मिलेगा। वहीं प्रति एकड़ 12 क्विंटल की सीमा तय की गई है।कुल मिलाकर 4 लाख टन मक्का तक इस योजना के तहत लेनदेन होगा। यह कर्नाटक राज्य सहकारी विपणन महासंघ (KSCMF) द्वारा किया जाएगा, जिसमें NeML प्लेटफॉर्म के माध्यम से बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण का उपयोग करके किसानों का रजिस्ट्रेशन किया जाएगा।भूमि रिकॉर्ड, आधार और फसल डेटा की जांच के बाद पैसा सीधे किसानों के बैंक खाते में (DBT) भेजा जाएगा। वहीं जो किसान पहले ही मक्का इथेनॉल प्लांट, पोल्ट्री, पशु चारा इकाइयों या कर्नाटक मिल्क फेडरेशन को बेच चुके हैं, उन्हें इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा।
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