IFFCO के एमडी के. जे. पटेल के अनुसार, वर्ष 2026 में इफको का फोकस नैनो उर्वरकों के विस्तार, खेती की लागत घटाने और सहकारी मॉडल को मजबूत करने पर रहेगा। 2025 में इफको ने रिकॉर्ड खाद उत्पादन किया और नैनो उर्वरकों को किसानों का अच्छा समर्थन मिला।
वर्ष 2026 भारतीय सहकारी आंदोलन और किसानों से जुड़े नवाचारों के लिए अहम रहने वाला है। भारतीय किसान उर्वरक सहकारी संस्था (इफको) का फोकस इस साल नैनो उर्वरकों के विस्तार, खेती की लागत घटाने और सहकारी मॉडल को देश-विदेश में मजबूत करने पर रहेगा। नए साल के मौके पर इफको के प्रबंध निदेशक के. जे. पटेल ने किसानों, सहकारी संस्थाओं और इफको परिवार को शुभकामनाएं देते हुए यह बात कही।
के. जे. पटेल ने कहा कि 2025 इफको के लिए उपलब्धियों से भरा साल रहा, जिससे संस्था की नींव और मजबूत हुई है। उन्होंने बताया कि इफको की ताकत सहकारी मूल्यों, लोगों की भागीदारी और सामूहिक नेतृत्व में है।
सहकारी आंदोलन में सरकार की अहम भूमिका
इफको एमडी ने कहा कि सहकारिता मंत्रालय के प्रयास, केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के नेतृत्व और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘सहकार से समृद्धि’ की सोच ने सहकारी संस्थाओं को नई दिशा दी है। अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष 2025 के सफल आयोजन से यह साबित हुआ कि सहकार देश के विकास का मजबूत आधार है।
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नैनो उर्वरकों को किसानों का भरोसा
उन्होंने बताया कि नैनो यूरिया, नैनो डीएपी और अन्य विशेष उर्वरकों को किसानों से अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है। हाल ही में बेंगलुरु में लॉन्च किए गए धाराअमृत लिक्विड और धाराअमृत गोल्ड ग्रैन्यूल्स जैसे उत्पाद खेती की लागत घटाने और पर्यावरण संरक्षण में मदद करेंगे। के. जे. पटेल ने कहा कि कोयंबटूर स्थित इफको नैनोवेंशंस का इनोवेशन हब नैनो तकनीक में बड़ा कदम है। इसके साथ ही इफको का ब्राजील में नैनो उर्वरक प्लांट जून 2026 तक शुरू हो जाएगा, जिससे इफको की वैश्विक मौजूदगी बढ़ेगी।
2025 में खाद उत्पादन का रिकॉर्ड
आपको बता दें कि 31 दिसंबर 2025 तक इफको ने 36.86 लाख मीट्रिक टन यूरिया, 32.67 लाख मीट्रिक टन डीएपी, एनपीके व एनपी उर्वरक का उत्पादन किया। इसके अलावा 229.65 लाख बोतल नैनो उर्वरकों का भी उत्पादन हुआ।
2026 में क्या रहेगा फोकस
इफको का मुख्य लक्ष्य किसानों की लागत कम करना, उत्पादकता बढ़ाना और मिट्टी, पानी व पर्यावरण की सुरक्षा है। नैनो यूरिया प्लस, नैनो डीएपी, नैनो जिंक और नैनो कॉपर जैसे उत्पादों को हर किसान तक पहुंचाने के लिए फील्ड डेमो, डिजिटल सलाह और मजबूत नेटवर्क तैयार किया जाएगा। के. जे. पटेल ने कहा कि इफको अब एग्रीकल्चर 2.0 की ओर बढ़ रहा है, जहां तकनीक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डेटा आधारित समाधान खेती का हिस्सा होंगे। कम लागत में ज्यादा उत्पादन और बेहतर किसान आय ही इफको का लक्ष्य है।
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