केंद्र सरकार ने खाद सब्सिडी को तेज़ और पारदर्शी बनाने के लिए एकीकृत ई-बिल सिस्टम शुरू किया है, जिससे करीब ₹2 लाख करोड़ की सब्सिडी पूरी तरह डिजिटल तरीके से प्रोसेस होगी। इससे कागज़ी काम खत्म होगा, भुगतान में तेजी आएगी और हर लेनदेन पर बेहतर निगरानी व पारदर्शिता सुनिश्चित होगी।
सरकार ने खाद सब्सिडी व्यवस्था को आसान और पारदर्शी बनाने के लिए एक बड़ा डिजिटल कदम उठाया है। केंद्रीय उर्वरक मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने एक एकीकृत ई-बिल सिस्टम का उद्घाटन किया है, जिसके ज़रिये सरकार करीब ₹2 लाख करोड़ की खाद सब्सिडी को डिजिटल तरीके से प्रोसेस कर सकेगी।
अब तक खाद सब्सिडी के बिल कागज़ों पर और मैन्युअल तरीके से चलते थे, लेकिन इस नए सिस्टम से पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन और पेपरलेस हो जाएगी। इससे बिलों की फाइलें इधर-उधर ले जाने की ज़रूरत नहीं पड़ेगी और काम तेज़ होगा।
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हर भुगतान का डिजिटल रिकॉर्ड
यह नया सिस्टम उर्वरक विभाग के IFMS और वित्त मंत्रालय के PFMS के सहयोग से तैयार किया गया है। इससे हर भुगतान का डिजिटल रिकॉर्ड बनेगा, जिसे आसानी से देखा और जांचा जा सकेगा। इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और गड़बड़ी या धोखाधड़ी की संभावना कम होगी।
सब्सिडी भुगतान में तेजी आएगी
इस प्लेटफॉर्म के ज़रिये खाद कंपनियाँ अपने सब्सिडी क्लेम ऑनलाइन जमा कर सकेंगी और भुगतान की स्थिति रियल-टाइम में देख पाएंगी। इससे दफ्तरों के चक्कर लगाने और बार-बार फॉलो-अप करने की ज़रूरत नहीं रहेगी।सरकार का कहना है कि इस सिस्टम से सब्सिडी भुगतान में तेजी आएगी, खासकर साप्ताहिक खाद सब्सिडी समय पर जारी हो सकेगी।
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