रबी सीजन 2024-25 में दालों और तिलहन का रकबा पिछले सीजन की तुलना में थोड़ा बढ़ा है। लेकिन गेहूं की बुवाई 32.26 मिलियन हेक्टेयर पर स्थिर है। एक साल पहले गेहूं का रकबा 32.24 मिलियन था। 2023-24 रबी सीजन में गेहूं का कुल रकबा 32.8 मिलियन हेक्टेयर था। गेहूं और दूसरी रबी फसलों की बुआई अक्टूबर में शुरू होती है और कटाई मार्च में शुरू होती है। गेहूं और दूसरी मुख्य रबी फसलों की बुआई लगभग पूरी हो चुकी है।
ताजा आंकड़ों के अनुसार 2025-26 रबी सीजन में 26 दिसंबर तक धान की बुआई थोड़ी बढ़कर 1.49 मिलियन हेक्टेयर हो गई, जो एक साल पहले इसी समय में 1.30 मिलियन हेक्टेयर थी। पिछले रबी सीजन में चावल 4.47 मिलियन हेक्टेयर में बोया गया था।
इस रबी सीजन में अब तक दालों का रकबा 13.34 मिलियन हेक्टेयर तक पहुंच गया है, जो पिछले साल पूरे रबी सीजन में हुए कुल 13.40 मिलियन हेक्टेयर रकबे के करीब है। जहां चना, मसूर और मूंग की बुआई पिछले साल की तुलना में ज्यादा रही तो वहीं उड़द की बुआई पीछे रह गई।
इस सीजन में अब तक मोटे अनाज का रकबा 4.90 मिलियन हेक्टेयर रहा, जिसमें मक्का और ज्वार क्रमशः 2.09 मिलियन हेक्टेयर और 2.03 मिलियन हेक्टेयर में बोए गए। तिलहन का रकबा पिछले साल से ज्यादा हो गया, जो अब तक 9.42 मिलियन हेक्टेयर तक पहुंच गया है, जिसमें रेपसीड-सरसों की बुआई 8.78 मिलियन हेक्टेयर में हुई है। 2024-25 के रबी सीज़न में 26 दिसंबर तक सभी रबी फसलों का कुल रकबा 61.4 मिलियन हेक्टेयर तक पहुँच गया, जो एक साल पहले 60.74 मिलियन हेक्टेयर था।