टमाटर किसानों को मिलेगा सही दाम और समय पर भुगतान, वेजफेड खरीदेगा 20 हजार मीट्रिक टन टमाटर

वेजफेड खरीदेगा 20 हजार मीट्रिक टन टमाटर

बिहार में वेजफेड को 20 हजार मीट्रिक टन टमाटर की सप्लाई की जिम्मेदारी दी गई है। टमाटर की खरीद सीधे किसानों से होगी और उन्हें समय पर भुगतान मिलेगा। इससे बिचौलियों की भूमिका घटेगी और किसानों को बेहतर दाम मिलेंगे। यह पहल सब्जी किसानों की आमदनी बढ़ाने की दिशा में अहम कदम है।

बिहार में टमाटर की खेती करने वाले किसानों के लिए राहत भरी खबर है। राज्य सरकार की संस्था बिहार राज्य सब्जी प्रसंस्करण एवं विपणन योजना यानी वेजफेड को अलग-अलग टमाटर प्रसंस्करण इकाइयों के लिए करीब 20 हजार मीट्रिक टन टमाटर की सप्लाई की जिम्मेदारी दी गई है। इससे किसानों को अपनी उपज का बेहतर दाम मिलेगा और बिचौलियों पर निर्भरता कम होगी। इसको लेकर सहकारिता मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार ने वेजफेड की समीक्षा बैठक की।

टमाटर की खरीद सीधे किसानों से
सरकार की योजना है कि टमाटर की खरीद सीधे किसानों से की जाए और उसे तय प्रोसेसिंग यूनिट तक पहुंचाया जाए। इससे किसानों को समय पर भुगतान मिलेगा और उनकी मेहनत का पूरा लाभ उन्हें मिल सकेगा। वेजफेड ने तिरहुत सब्जी संघ, मोतिहारी को सभी जिलों के सब्जी संघों और पीवीसीएस के साथ मिलकर खरीद व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए हैं।

प्रसंस्करण इकाइयों तक भेजा जाएगा टमाटर
राज्य के सभी जिलों और प्रखंडों से टमाटर इकट्ठा कर प्रसंस्करण इकाइयों तक भेजा जाएगा। इससे किसानों के साथ-साथ प्रसंस्करण उद्योगों को भी लगातार कच्चा माल मिलता रहेगा। बिहार के सभी 534 प्रखंडों में पीवीसीएस का पंजीकरण पूरा हो चुका है और हरित, तिरहुत, मिथिला, मगध, भागलपुर, मुंगेर और सारण जैसे सात सब्जी उत्पादक संघ इस व्यवस्था में शामिल हैं।

ये भी पढ़ें – देशभर में घना कोहरा और ठंड का कहर, कई राज्यों में कोल्ड डे और शीतलहर का अलर्ट

किसानों को उनकी फसल का सही मूल्य देना उद्देश्य
सहकारिता मंत्री ने कहा कि सरकार की कोशिश है कि सब्जी किसानों को उनकी फसल का सही मूल्य मिले। इसके लिए उत्पादन से लेकर भंडारण, प्रोसेसिंग और बिक्री तक पूरी व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है। वेजफेड के जरिए मेगा फूड पार्क, टमाटर और अन्य फसलों की प्रसंस्करण इकाइयों पर भी काम किया जा रहा है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि सभी योजनाएं समय पर और पारदर्शी तरीके से लागू हों, ताकि किसानों को सीधा फायदा मिल सके।

ये देखें –

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *