बिहार सरकार गन्ना किसानों को लाभ पहुंचाने के लिए गुड़ उत्पादन इकाइयों पर अनुदान दे रही है। इच्छुक किसान 25 दिसंबर तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इस योजना में 6 लाख से 1 करोड़ रुपये तक, यानी लागत का 50% तक अनुदान मिलेगा, जिससे किसानों की आय और ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।
बिहार सरकार बंद पड़ी चीनी मिलों को दोबारा शुरू करने की दिशा में कदम उठा रही है। इससे गन्ना किसानों में खुशी है। सरकार चीनी मिलों के साथ-साथ गुड़ उत्पादन को भी बढ़ावा देना चाहती है, ताकि किसानों की आमदनी बढ़े और गांवों की अर्थव्यवस्था मजबूत हो।इसी के तहत गन्ना उद्योग विभाग ने गुड़ उत्पादन इकाई लगाने वाले किसानों और निवेशकों को अनुदान देने की योजना शुरू की है।
1 करोड़ रुपये तक का अनुदान
इस योजना में सरकार 6 लाख रुपये से लेकर 1 करोड़ रुपये तक का अनुदान देगी। गुड़ उत्पादन इकाई लगाने की कुल लागत का 50 प्रतिशत तक खर्च सरकार उठाएगी। अलग-अलग क्षमता की इकाइयों के लिए अलग-अलग राशि तय की गई है।
5 से 20 टन प्रतिदिन गन्ना पेराई वाली इकाइयों को 6 लाख रुपये तक,
21 से 40 टन क्षमता वाली इकाइयों को 15 लाख रुपये तक,
41 से 60 टन क्षमता वाली इकाइयों को 45 लाख रुपये तक,
और 60 टन से अधिक क्षमता वाली इकाइयों को 1 करोड़ रुपये तक का अनुदान मिलेगा।
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25 दिसंबर तक करें आवेदन
राज्य सरकार ने इसके लिए ऑनलाइन आवेदन मांगे हैं, जिनकी अंतिम तारीख 25 दिसंबर तय की गई है। जो किसान अभी तक आवेदन नहीं कर पाए हैं, वे जल्द आवेदन कर सकते हैं।
इच्छुक किसान और निवेशक ccs.bihar.gov.in वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इस योजना से गन्ना किसानों को बेहतर दाम मिलने, रोजगार बढ़ने और ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियां तेज होने की उम्मीद है।
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