यूपी में 60 लाख टन धान खरीद का लक्ष्य, अब तक करीब 5,000 करोड़ रुपये का भुगतान

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यूपी में धान और बाजरा की सरकारी खरीद से किसानों को बड़ा सहारा मिल रहा है। अब तक 5,000 करोड़ रुपये का भुगतान हो चुका है और 60 लाख टन धान खरीद का लक्ष्य तय है, जिससे किसानों को 14,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की आय होने की उम्मीद है।

उत्तर प्रदेश में इस समय चल रही धान खरीद से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत सहारा मिल रहा है। प्रदेश सरकार अब तक धान किसानों के खातों में करीब 5,000 करोड़ रुपये का भुगतान कर चुकी है। इस सीजन सरकार ने 60 लाख टन धान खरीदने का लक्ष्य रखा है, जिसके मुकाबले अब तक 21.4 लाख टन धान की खरीद पूरी हो चुकी है।

किसानों को बड़ी आय मिलने की उम्मीद
सरकार ने इस सीजन सामान्य धान का एमएसपी 2,369 रुपये प्रति क्विंटल और ग्रेड-ए धान का 2,389 रुपये प्रति क्विंटल तय किया है। अगर तय लक्ष्य पूरा होता है, तो प्रदेश के किसानों को 14,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की आय मिलेगी।धान के साथ-साथ सरकार मोटे अनाज की खरीद पर भी ध्यान दे रही है। अब तक लगभग 1.60 लाख टन बाजरा खरीदा जा चुका है, जिसकी कीमत करीब 450 करोड़ रुपये है। धान और बाजरा को मिलाकर अब तक कुल खरीफ फसलों का भुगतान 5,500 करोड़ रुपये से अधिक हो चुका है।

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4,650 खरीद केंद्र, सीधे खाते में भुगतान
किसानों की सुविधा के लिए पूरे प्रदेश में 4,650 खरीद केंद्र बनाए गए हैं। खाद्य एवं रसद विभाग के अनुसार, किसानों को भुगतान डीबीटी के जरिए सीधे आधार-लिंक्ड बैंक खातों में किया जा रहा है, ताकि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी रहे। इस साल सरकारी केंद्रों पर फसल बेचने के लिए किसानों का उत्साह साफ दिख रहा है। धान बेचने के लिए अब तक 7.83 लाख से ज्यादा किसान पंजीकरण करा चुके हैं, जबकि पिछले साल यह संख्या 6.70 लाख थी। बाजरा के मामले में यह बढ़ोतरी और भी ज्यादा है. इस साल 80 हजार से अधिक किसान रजिस्टर्ड हुए हैं, जबकि पिछले साल सिर्फ 21,630 रजिस्टर्ड थे।

दूसरी खरीफ फसलों के एमएसपी
सरकार ने अन्य खरीफ फसलों के एमएसपी भी तय कर दिए हैं। जैसे ज्वार (मालदंडी)की एमएसपी 3,749 रुपये प्रति क्विंटल, ज्वार (हाइब्रिड) की 3,699 रुपये प्रति क्विंटल, बाजरा की 2,775 रुपये प्रति क्विंटल और मक्का की एमएसपी 2,400 रुपये प्रति क्विंटल तय है।कुल मिलाकर, यूपी में धान और मोटे अनाज की खरीद से किसानों को समय पर भुगतान मिल रहा है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत सहारा मिल रहा है।

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