केंद्रीय खाद्य मंत्री प्रल्हाद जोशी ने कहा कि गेहूं और धान की खरीद बढ़ रही है, इसलिए सभी राज्यों को नए भंडारण की सुविधाएँ बनानी चाहिए। पिछले 11 साल में खरीद और MSP बढ़ने से किसानों को ज्यादा लाभ मिला है। केंद्र सरकार स्टोरेज बनाने के लिए फंड और मदद भी दे रही है। अनाज की ढुलाई और भंडारण में नुकसान अब पहले से कम हो गया है।
नई दिल्ली: केंद्रीय खाद्य मंत्री प्रल्हाद जोशी ने सभी राज्यों से कहा कि वे अनाज (गेहूं और धान) के लिए अधिक भंडारण (Storage) सुविधाएँ तैयार करें। यह कदम इसलिए जरूरी है क्योंकि गेहूं और धान की खरीद बढ़ रही है।
बढ़ी है गेहूं और धान की खरीद
राज्यसभा में प्रश्नकाल के दौरान मंत्री ने कहा कि अब अनाज की ढुलाई और भंडारण में नुकसान पहले की तुलना में काफी कम हो गया है। इसका मुख्य कारण पीडीएस (Public Distribution System) में इंफ्रास्ट्रक्चर और तकनीक का सुधार है। जोशी ने बताया कि पिछले 11 साल में गेहूं और धान की खरीद बहुत बढ़ गई है। उन्होंने कहा कि 2014-15 में 478 लाख टन धान खरीदा गया था और किसानों को 66,949 करोड़ रुपये दिए गए थे। जबकि 2024-25 में 813 लाख टन धान खरीदा गया और किसानों को 1,88,821 करोड़ रुपये दिए गए।
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नए भंडारण की सुविधाएँ बनाएं राज्य
मंत्री ने कहा कि यह बढ़ोतरी मोदी सरकार की फायदेमंद नीतियों और MSP (न्यूनतम समर्थन मूल्य) बढ़ाने के कारण हुई है। उन्होंने कहा कि आज देश में धान और गेहूं की अधिक मात्रा मौजूद है। जोशी ने सभी राज्य सरकारों से अनुरोध किया कि वे नए भंडारण की सुविधाएँ बनाएं। केंद्र सरकार इसके लिए फंड भी दे रही है और मदद भी कर रही है।
मंत्री ने ये भी बताया
उन्होंने यह भी बताया कि पश्चिम बंगाल सरकार के कोई बकाया पैसे नहीं हैं, लेकिन कुछ राज्य लाभार्थियों को रसीदें नहीं दे रहे हैं। उन्होंने इन राज्यों से रसीदें जारी करने का अनुरोध किया। मंत्री ने लिखा कि केंद्र सरकार ने किसी भी राज्य की धान खरीद पर कोई रोक नहीं लगाई है। पंजीकरण और खरीद की मात्रा राज्यों के साथ चर्चा के बाद तय की जाती है। इसमें अनुमानित उत्पादन, पिछले साल की खरीद और बाज़ार में उपलब्ध मात्रा को ध्यान में रखा जाता है।
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