PIYUSH

भारत ने 2030 तक 10,000 GI products के रजिस्ट्रेशन का रखा लक्ष्य

वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने भौगोलिक संकेतक (GI) रजिस्ट्रेशन वाले उत्पादों की संख्या को साल 2030 तक 605 से बढ़ाकर 10,000 तक करने का लक्ष्य रखा है. GI products किसी खास भौगोलिक क्षेत्र में पैदा होने वाले कृषि, प्राकृतिक या बनाये हुए प्रोडक्ट होते हैं. आमतौर पर किसी उत्पाद से जुड़ा GI tag ग्राहक को उसकी गुणवत्ता और विशिष्टता के बारे में आश्वस्त करता है.

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एनडीडीबी

डेयरी क्षेत्र में महिलाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाएं…कृषि मंत्री की NDDB से अपील

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने डेयरी और इससे संबद्ध क्षेत्रों में NDDB और इसकी सहायक संस्थाओं द्वारा की जा रही महत्वपूर्ण कार्यों और कृषि से संबद्ध क्षेत्र में राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड – NDDB द्वारा प्रस्तावित फार्मर ओरिएंटेड नयी कार्यों की समीक्षा की और इन्हें मिशन मोड में आगे बढ़ाने के लिए कहा. चौहान ने विभाग के अधिकारियों से कहा कि महिलाओं के लिए दुग्ध क्षेत्र में रोज़गार के अवसर बढ़ाएं. और बताया कि अभी तक NDDB के माध्यम से 5 लाख महिलाओं को रोजगार मिला हुआ है. उन्होंने कहा कि NDDB तिलहन के क्षेत्र में भी काम कर रहा है. 

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एनएचएम

कैबिनेट ने कच्चे जूट पर MSP बढ़ाने और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन को अगले 5 सालों तक जारी रखने की मंजूरी दी

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 2025-26 मार्केटिंग सेशन के लिए कच्चे जूट का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) बढ़ाकर 5,650 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया है, जिससे किसानों को उत्पादन लागत पर 66.8% रिटर्न मिलेगा. पिछले सीज़न के 5,335 रुपये की तुलना में, इस बढ़ोतरी का उद्देश्य किसानों की आय बढ़ाना और टिकाऊ कृषि को बढ़ावा देना है. इसके अलावा केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत देश में प्राप्त उपलब्धियों को स्वीकारते हुए बुधवार को इसे अगले पांच वर्षों तक जारी रखने को मंजूरी दी है.

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JUTE

जूट किसानों को बड़ा तोहफ़ा, सरकार ने बढ़ाई जूट की MSP

मोदी सरकार ने जूट किसानों को बड़ा तोहफा दिया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने (सीसीईए) ने मार्केटिंग सीजन 2025-26 के लिए कच्चे जूट का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) को मंजूरी दे दी है. 2025-26 सीजन के लिए कच्चे जूट (टीडी-3 ग्रेड) की MSP 315 रुपये प्रति क्विंटल से बढ़ाकर 5,650 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया है.

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organic farming

PM PRANAM योजना क्या है? जैविक खेती करने वाले किसानों को कैसे मिलेगा इसका लाभ

PM PRANAM योजना केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई एक महत्वाकांक्षी योजना है. इसका उद्देश्य सरकार पर सब्सिडी का बोझ कम करने के अलावा खेती में रासायनिक उर्वरकों की जगह वैकल्पिक उर्वरकों को बढ़ावा देना है. इसके तहत सरकार जैविक खेती से पैदा होने वाले उत्पादों की मार्केटिंग पर भी जोर देती है, जिससे उन किसानों को इसका सीधा फायदा मिलता है जो जैविक खेती करते हैं.

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कॉफ़ी

भारत दुनिया का सातवां सबसे बड़ा कॉफी उत्पादक देश

भारत ग्लोबल लेवल पर सातवां सबसे बड़ा कॉफी उत्पादक बन गया है, जिसका एक्सपोर्ट साल 2024 में लगभग दोगुना होकर 1.29 बिलियन डॉलर हो गया है. प्रमुख खरीदारों में इटली, बेल्जियम और रूस शामिल हैं. एकीकृत कॉफी विकास परियोजना(आईसीडीपी) कॉफी उद्योग को मजबूत करने के लिए पैदावार में सुधार और खेती के विस्तार पर ध्यान केंद्रित कर रही है.

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तुअर दाल

केंद्र सरकार ने तुअर दाल के शुल्क मुक्त आयात को 31 मार्च 2026 तक बढ़ाया, क़ीमतों पर क़ाबू पाना उद्देश्य

केंद्र सरकार ने तुअर दाल की क़ीमतों पर अंकुश लगाने और मार्केट में सप्लाई को बनाये रखने के लिए इसके शुल्क मुक्त आयात को मार्च 2026 तक बढ़ा दिया है. हाल की कुछ गिरावटों के बावजूद, तुअर की खुदरा कीमतें ऊंची बनी हुई हैं. इस उपाय का उद्देश्य कम घरेलू उत्पादन के प्रभाव को दूर करना और चल रही खाद्य मुद्रास्फीति चिंताओं के बीच पर्याप्त सप्लाई सुनिश्चित करना है।

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अरहर की खेती

एक एकड़ खेत में 19.50 क्विंटल अरहर की रिकार्ड पैदावार करने वाले किसान हनुमंत से सीखें खेती का तरीका।

महाराष्ट्र। “सामान्य तरीक़े से खेती करने पर 5 से 6 क्विंटल अरहर की पैदावार होती थी. लेकिन इस बार मैंने खेती का तरीक़ा बदला तो एक एकड़ खेत में 19.50 क्विंटल अरहर का रिकॉर्ड उत्पादन मिला, जो सामान्य से बहुत अधिक है.” ये कहना है सोलापूर, महाराष्ट्र के किसान हनुमंत रोकड़े का.

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भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था वाले देशों में एक है। हम दुनिया की 5वीं बड़ी अर्थव्यवस्था हैं। हम 2047 तक विकसति भारत का ख्वाब संजोए बैठे हैं।

भारत को 2047 तक विकसित कृषि अर्थव्यवस्था बनाने के लिए सात जरूरी कदम

भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था वाले देशों में एक है। हम दुनिया की 5वीं बड़ी अर्थव्यवस्था हैं, और 2047 तक विकसति भारत का ख्वाब संजोए बैठे हैं। अगर हमें इस लक्ष्य को हासिल करना है तो, कृषि अर्थव्यवस्था को मज़बूत बनाना होगा। भारत का कृषि क्षेत्र फिलहाल एक महत्वपूर्ण मोड़ पर खड़ा…

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shivraj

बाजार में गेहूं, चावल, चना, सरसों की कीमत MSP से ज़्यादा…कृषि योजनाओं की समीक्षा बैठक में बोले कृषि मंत्री शिवराज चौहान

केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण व ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार, 20 जनवरी को कृषि मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ कृषि मुद्दों पर समीक्षा बैठक की। समीक्षा बैठक में रबी की बुआई की प्रगति, मौसम की स्थिति, राष्ट्रीय कीट सर्वेक्षण प्रणाली (NPSS) के माध्यम से कीट सर्वेक्षण, कृषि उत्पादों के आयात और निर्यात सहित मार्केटिंग से संबंधित कई मुद्दे पर चर्चा हुई।

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