ASR विधि से धान की खेतीः लागत, पानी और समय तीनों बचेंगे और उत्पादन बढ़ेगा- अवतार सिंह
“धान की खेती में अब ज्यादा पानी और ज्यादा समय नहीं लगता, धान की खेती पुराने तरीके से न करके ACR विधि से करते हैं।”- अवतार सिंह, फगवाड़ा गुड ग्रो फार्म
“धान की खेती में अब ज्यादा पानी और ज्यादा समय नहीं लगता, धान की खेती पुराने तरीके से न करके ACR विधि से करते हैं।”- अवतार सिंह, फगवाड़ा गुड ग्रो फार्म
“जब टमाटर महँगा हुआ तो हमारे खेत में माल नहीं है, 15-20 दिन पहले रोज़ 10- 20 कैरेट माल निकलता था तो 3 रुपए से 10 रुपए किलो में बेचना पड़ रहा था, अब 100 रुपए का भाव है तो खेत से 2 कैरेट (प्रति कैरेट 25 किलो) मुश्किल से निकल रही। भाव इसीलिए बढ़ा है क्योंकि ज़्यादातर किसानों के खेत में फसल ख़त्म हो गई है, इसका कोई ख़ास फ़ायदा नहीं।”
यह आयोजन कई मायनों में बहुत महत्वपूर्ण है। इस आयोजन में देश के 11 राज्यों के करीब 270 प्रतिनिधि हैं जिनमें चुने हुए पंचायत प्रतिनिधि हैं तो विश्वविद्यालयों से जुड़े लोग भी हैं, सामाजिक कार्यकर्ता भी हैं और एनजीओ से जुड़े लोग भी हैं। सरकार के अधिकारी भी हैं और इन मुद्दों को कानूनी ढंग से समझने वाली जमात के लोग भी आए हैं।
ट्रैक्टर पर 35 फीसदी सब्सिडी, पावर टिलर पर 50 फीसदी सब्सिडी, ड्रिप-स्प्रिंकलर पर 90 % तक सब्सिडी, मशरूम उत्पादन 40% तक सब्सिडी, वर्मी कंपोस्ट उत्पादन 50 हजार तक। आवेदन के लिए आपका मोबाइल नंबर, खेत की खसरा/खतौनी, आधार कार्ड, बैंक पासबुक की कॉपी ये जरूरी कामजात होने चाहिए। आवेदन के बाद उसकी कॉपी आपको helplinehorti@gmail.com पर आपको भेजनी होगी।
10 जून को लोक भवन में राज्य गन्ना उत्पादन प्रतियोगिता में राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अन्तर्गत 132 प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया गया
यूनिचॉर्म कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर विजय चौधरी ने अपने संबोधन में कहा कि यूनिचॉर्म कंपनी जापान की कंपनी है, जो करीब 62 साल से महिलाओं के स्वास्थ्य को लेकर कार्य कर रही है।
4 सितंबर 1972 को एक आम अनुसंधान केंद्र के रूप में प्रारम्भ किया गया था जिसे 1 जून 1984 को एक पूर्ण संस्थान का दर्जा मिला। शुरू में यहां केवल आम पर शोध होता था। लेकिन अब आम, अमरूद, आंवला, बेल, जामुन के साथ अन्य फलों और सब्जियों पर भी शोध हो रहा है।